बिहार सरकार की बड़ी घोषणा, महिलाओं के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए 25 लाख महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 16 फरवरी को लाभार्थियों के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 2500 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए वितरित किए जाएंगे।

इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सुबह 9:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। राज्य के सभी 38 जिलों में जिला मुख्यालय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी करेंगे। इसके अलावा प्रखंड, संकुल और ग्राम संगठन स्तर पर भी विशेष आयोजन किए जाएंगे, ताकि योजना की जानकारी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

महिलाओं को स्वरोजगार की ओर प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि महिलाएं स्वयं का छोटा व्यवसाय, दुकान, सेवा केंद्र या अन्य आय के स्रोत शुरू करें। पहले चरण में 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय की नींव रख सकें।

चरणबद्ध तरीके से मिलेगी 2 लाख रुपये

यह योजना केवल एकमुश्त सहायता तक सीमित नहीं है। कुल मिलाकर प्रत्येक चयनित महिला को 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो पांच चरणों में वितरित होगी-

पहला चरण: 10,000 रुपये

दूसरा चरण: 20,000 रुपये

तीसरा चरण: 40,000 रुपये

चौथा चरण: 80,000 रुपये

पांचवां और अंतिम चरण: 60,000 रुपये

इस प्रकार धीरे-धीरे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि महिलाएं टिकाऊ और स्थायी रोजगार स्थापित कर सकें।

राशि के उपयोग का होगा मूल्यांकन

सरकार ने योजना में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आकलन की व्यवस्था भी की है। पहले चरण में मिली 10 हजार रुपये की राशि का उपयोग कैसे हुआ, इसका मूल्यांकन ग्राम संगठन द्वारा किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि महिला ने वास्तव में कोई व्यवसाय शुरू किया या नहीं और उसकी प्रगति कैसी है। ग्राम संगठन अपनी रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर भेजेगा, जिसके आधार पर अगली किस्त जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण की मजबूत पहल

यह योजना केवल आर्थिक सहायता का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का प्रयास है। यदि 25 लाख महिलाएं सफलतापूर्वक अपना रोजगार शुरू करती हैं, तो इसका असर राज्य की ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा। परिवार की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी मजबूत होगी।

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