योजना का उद्देश्य
भारत में हर साल सड़क हादसों में बड़ी संख्या में मौतें होती हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगर हादसे के पहले घंटे में पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया जाए, तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है।
कैशलेस इलाज और लाभ
किसी भी सड़क दुर्घटना के शिकार पात्र व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। यह सुविधा हादसे की तारीख से अगले 7 दिनों तक मान्य रहेगी। गंभीर हादसों में प्राथमिक उपचार 48 घंटे तक, जबकि गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तक उपलब्ध होगा।
कैसे मिलेगा तुरंत सहयोग?
पीड़ित या आसपास मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 नंबर पर कॉल कर सकता है। इस पर नजदीकी अस्पताल और उपलब्ध एम्बुलेंस की जानकारी तुरंत प्राप्त होगी। इससे इमरजेंसी टीम, पुलिस और अस्पतालों के बीच तेज समन्वय सुनिश्चित होगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल
यह योजना प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ भवन में शिफ्ट होने के बाद पीएम मोदी का पहला बड़ा फैसला है। सरकार ने इसे उन नागरिकों के लिए सेवा, करुणा और सुरक्षा की प्राथमिकता का प्रतीक बताया है, जो सड़क हादसों के शिकार होते हैं।
‘पीएम राहत’ योजना से अब सड़क हादसों के शिकार व्यक्ति को समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे मृत्युदर में कमी आएगी। साथ ही, यह योजना आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।

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