बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री लागू, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना: बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा डिजिटल हो गई है। 17 अगस्त 2026 से राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री से जुड़े अधिकांश काम ऑनलाइन होंगे और कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी।

अब डिजिटल तरीके से होगी रजिस्ट्री

नई व्यवस्था के तहत जमीन या मकान की खरीद-बिक्री के लिए दस्तावेज ऑनलाइन तैयार किए जा सकेंगे। खरीदार और विक्रेता अपनी सुविधा के अनुसार रजिस्ट्री के लिए स्लॉट भी बुक कर सकेंगे। तय समय पर कार्यालय पहुंचने के बाद पहचान सत्यापन और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डिजिटल डीड की पीडीएफ कॉपी मोबाइल, ई-मेल या WhatsApp के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। इससे दस्तावेज संभालकर रखने की परेशानी कम होगी।

आंख और उंगली से होगा सत्यापन

नई प्रक्रिया में जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति की पहचान को डिजिटल तरीके से सत्यापित किया जाएगा। इसके लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैनिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद ई-सिग्नेचर समेत बाकी प्रक्रिया पूरी होगी। इससे गलत पहचान या फर्जी दस्तावेज के जरिए रजिस्ट्री कराने की आशंका को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

घर बैठे स्लॉट बुक करने की सुविधा

अब रजिस्ट्री कार्यालय जाने से पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा मिलेगी। पोर्टल पर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद निर्धारित समय का स्लॉट लिया जा सकेगा। इससे कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ और लंबा इंतजार कम करने में मदद मिल सकती है। 75 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर से रजिस्ट्री की विशेष सुविधा भी व्यवस्था का अहम हिस्सा है।

फीस की गणना भी होगी आसान

डिजिटल प्रक्रिया में रजिस्ट्री से जुड़ी स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क की गणना सॉफ्टवेयर के जरिए की जा सकेगी। भुगतान की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से पूरी करने की व्यवस्था है। बिहार की नई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से समय की बचत, कागजी काम में कमी और दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने में लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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