बच्चों ने अपने पत्रों को अलग-अलग तरीके से सजाया। किसी ने फूलों की आकृतियां बनाईं तो किसी ने स्टडी टेबल और किताबों के चित्र उकेरे। कुछ छात्राओं ने मुख्यमंत्री का चित्र बनाकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी दिया।
पढ़ाई में मिली सुविधा
कक्षा छह की सबा ने बताया कि पहले घर में पढ़ने के लिए उचित जगह नहीं मिल पाती थी। स्टडी टेबल मिलने के बाद पढ़ाई आसान हुई और लंबे समय तक बैठने में भी सुविधा हो रही है। वहीं कक्षा सात की नुजहत फातिमा के मुताबिक अब वह ज्यादा ध्यान लगाकर पढ़ाई, होमवर्क और पाठ दोहराने का काम कर पा रही हैं।
चार जिलों में इतनी टेबल बांटी गईं
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान के तहत चार जिलों में स्टडी टेबल का वितरण किया गया है।
बहराइच: 34,260
गोंडा: 27,650
बलरामपुर: 26,984
श्रावस्ती: 11,106
इस पहल में ग्रामीण इलाकों के मेधावी विद्यार्थियों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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