1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
PM-KISAN के तहत पात्र भूमिधर किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में जारी 23वीं किस्त के दौरान 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक ट्रांसफर किए गए। योजना शुरू होने के बाद कुल भुगतान ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक पहुंच चुका है।
2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
खेती में बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, चक्रवात, असामान्य बारिश और कीट-रोग जैसी वजहों से होने वाले नुकसान को देखते हुए PMFBY किसानों को फसल बीमा सुरक्षा देती है। योजना के तहत किसान का प्रीमियम निर्धारित सीमा तक रखा गया है, खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए अधिकतम 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5%। बाकी प्रीमियम में सरकारी सहायता होती है।
3. किसान क्रेडिट कार्ड से सस्ता कर्ज
किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए समय पर कर्ज उपलब्ध कराने में KCC महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार, संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत KCC की ऋण सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाई गई है। वहीं, समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए ब्याज दर प्रभावी रूप से 4% तक आ सकती है। मार्च 2026 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 7.72 करोड़ से अधिक KCC सक्रिय थे और इन पर करीब ₹10.2 लाख करोड़ का बकाया ऋण था।
किसानों के लिए क्या है खास?
इन तीनों योजनाओं का फायदा अलग-अलग जरूरतों में मिलता है। PM-KISAN से पात्र किसानों को नियमित आय सहायता, PMFBY से फसल नुकसान के जोखिम के खिलाफ सुरक्षा और KCC से खेती के लिए संस्थागत कर्ज की सुविधा मिलती है। हालांकि, हर योजना में पात्रता और जरूरी दस्तावेज अलग हैं। इसलिए आवेदन या लाभ लेने से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल और विभागीय नियमों की जांच करना जरूरी है।

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