मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने सोमवार को शासनादेश जारी करते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों ने निर्धारित तिथि तक संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है, उनके फरवरी 2026 के वेतन को रोकने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कितने कर्मचारी प्रभावित हुए
प्रदेश में कुल 8,64,390 राज्य कर्मचारी हैं। इस अवधि तक 47,816 कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। अब इन कर्मचारियों के वेतन रुकने के साथ ही विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने विभाग में यह सुनिश्चित करें कि ब्योरा न देने वालों का वेतन जारी न हो।
शासनादेश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी कर्मचारी का वेतन संपत्ति ब्योरा न देने के बावजूद जारी किया गया है, तो इसके लिए आहरण वितरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभागों को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी
इस कदम के जरिए सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संपत्ति का ब्योरा देना कर्मचारी का अनिवार्य दायित्व है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश से न केवल कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि विभागीय पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। वहीं, जो कर्मचारी अब तक ब्योरा नहीं भर पाए हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है कि वे समय रहते पोर्टल पर विवरण दर्ज कर दें और किसी तरह की विभागीय कार्रवाई से बचें।

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