ग्लोबल मार्केट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी का रुख बना हुआ है। स्पॉट सिल्वर लगभग 2.2 प्रतिशत बढ़कर 82.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसमें भारी गिरावट आई थी। इसी तरह स्पॉट गोल्ड भी बढ़त के साथ 5,049.59 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी सोने के वायदा भाव अप्रैल डिलीवरी के लिए 5,073.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गए। विशेषज्ञों का मानना है कि सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर मजबूती बनाए हुए है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
ब्याज दरों की उम्मीद से मिला सहारा
अमेरिका में कमजोर रिटेल सेल्स के आंकड़ों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। आमतौर पर कम ब्याज दरों का माहौल सोने के लिए अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इससे बॉन्ड यील्ड कमजोर होती है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव
जनवरी के अंत में भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते सोना रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया था। हालांकि, तेज सट्टेबाजी के बाद कीमतों में भारी गिरावट भी आई और दो कारोबारी सत्रों में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद से सोना अपने नुकसान का बड़ा हिस्सा रिकवर कर चुका है और फिर से मजबूत स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है।
सोने-चांदी की कीमतों को लेकर आगे क्या है अनुमान?
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। कई प्रमुख बैंक मानते हैं कि जिन कारणों से सोने में तेजी आई थी जैसे वैश्विक अस्थिरता, केंद्रीय बैंकों की खरीद और ब्याज दरों में संभावित कटौती वे अब भी मौजूद हैं। कुछ विश्लेषकों ने साल के अंत तक सोने के 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई है।
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