8वें वेतन आयोग: रिटायर कर्मचारियों को मिलेगी 5 बड़ी खुशखबरी?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही केंद्र सरकार ने रिटायर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों  के लिए एक बार फिर अर्थव्यवस्था में राहत देने का संकेत दिया है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर पेंशन और अन्य लाभों में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे रिटायर कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा और जीवनस्तर में सुधार मिलेगा।

1. न्यूनतम पेंशन में उछाल

8वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार रिटायर कर्मचारियों को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन में बड़ा सुधार संभव है। वर्तमान में जो न्यूनतम पेंशन लगभग ₹9,000 के आसपास है, उसे ₹20,500 से ₹25,740 के दायरे में  लाया जा सकता हैं।

2. पेंशन में 20% तक वृद्धि

नए फिटमेंट फैक्टर के लागू होने से वर्तमान पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में भी लगभग 20% से 30% तक की बढ़त संभव है। यह वृद्धि महंगाई और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखते हुए पेंशनभोगियों को आर्थिक सहारा देगी।

3. बकाया एरियर का भुगतान

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद रिटायर्ड कर्मचारियों को सिर्फ बढ़ी हुई पेंशन नहीं मिलेगी, उसके लिए एरियर (बकाया लाभ) एकमुश्त रूप से भुगतान किया जाएगा। यह एकमुश्त राशि निश्चित तौर पर कई पेंशनभोगियों के लिए राहत का स्रोत होगी।

4. महंगाई राहत का नया स्वरूप

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार महंगाई राहत (DR) को मूल पेंशन में शामिल कर दिया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि DR के नाम पर शून्य (0) से पुनः गणना शुरू होगी। इससे भविष्य में महंगाई के अनुरूप मिलने वाली वृद्धि भी बढ़ी हुई मूल पेंशन पर लागू होगी, जो पेंशनभोगियों के लिए दीर्घकालिक फायदे को सुनिश्चित करेगा।

5. पेंशन पैरिटी और अन्य सुधार

नए वेतन आयोग पेंशन पैरिटी यानी पुराने और नए पेंशनभोगियों के बीच असमानताओं को दूर करने पर विशेष ध्यान देगा। साथ ही, ग्रेच्युटी की सीमा में वृद्धि, मेडिकल सुविधाओं का विस्तार, और अन्य वरिष्ठ नागरिक लाभों को भी शामिल करने की संभावनाएं हैं।

नया अपडेट और सुझाव प्रक्रिया

सरकार ने 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (8cpc.gov.in) लॉन्च कर दी है जहां रिटायर्ड कर्मचारियों, सक्रिय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से 16 मार्च 2026 तक सुझाव और फीडबैक आमंत्रित किए गए हैं। यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि अंतिम सिफारिशें वास्तविक जीवन स्थितियों और व्यापक सामुदायिक राय के अनुरूप हों।

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