S-400 की कीमत पर होगी बातचीत
रूसी प्रस्ताव मिलने के बाद अब भारत की ओर से इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कीमत और अन्य शर्तों को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है। नई यूनिट की खरीद से भारत की एयर डिफेंस क्षमता में और इजाफा हो सकता है।
पहले भी हो चुका है बड़ा समझौता
आपको बता दें की भारत ने वर्ष 2018 में रूस के साथ S-400 की पांच यूनिट खरीदने का समझौता किया था। इन सिस्टम की डिलीवरी चरणबद्ध तरीके से हुई है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक पिछली यूनिट की आपूर्ति नवंबर तक होने की उम्मीद है।
क्यों अहम है यह सौदा?
S-400 लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा प्रणाली है, जिसे अलग-अलग प्रकार के हवाई खतरों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। अतिरिक्त यूनिट मिलने से देश के महत्वपूर्ण इलाकों और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
भारत एक ओर स्वदेशी एयर डिफेंस और मिसाइल तकनीक को बढ़ावा दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ जरूरत के मुताबिक अत्याधुनिक विदेशी प्रणालियां भी हासिल कर रहा है। ऐसे में रूस से S-400 की अतिरिक्त खरीद भारत की बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

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