भारत में BRICS की बड़ी बैठक, भारत-रूस-चीन की बढ़ती ताकत से अमेरिका की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में राजधानी दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS से जुड़ा बड़ा आयोजन होने जा रहा है। iBRICS Summit 2026 में 500 से ज्यादा बड़े निवेशक, वित्त मंत्री और कारोबारी नेता हिस्सा लेंगे। इन संस्थागत निवेशकों के पास करीब 1 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी के प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

ओबेरॉय होटल में होने वाली इस बैठक में BRICS और खाड़ी देशों के सॉवरेन वेल्थ फंड, पेंशन फंड और बड़े फैमिली ऑफिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा बदलाव, महत्वपूर्ण खनिज, तकनीक और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े स्तर पर निवेश जुटाना है।

डॉलर से अलग वित्तीय रास्तों पर चर्चा

BRICS देशों के सामने अमेरिकी टैरिफ, प्रतिबंध और पारंपरिक डॉलर आधारित भुगतान व्यवस्था की बढ़ती लागत जैसे मुद्दे हैं। ऐसे में बैठक में नॉन-डॉलर सेटलमेंट कॉरिडोर और पूंजी के नए रास्तों पर चर्चा होगी। पहले दिन बंद कमरे में करीब 250 प्रमुख प्रतिनिधियों की राउंडटेबल बैठक प्रस्तावित है।

UPI और डिजिटल पेमेंट पर भी फोकस

बैठक में भारत के UPI और ब्राजील के Pix जैसे तेज भुगतान नेटवर्क को जोड़ने तथा CBDC की इंटरऑपरेबिलिटी पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा 'सॉवरेन कैपिटल कॉम्पैक्ट' पर हस्ताक्षर की संभावना है। माना जा रहा है कि यह बैठक BRICS देशों के बीच निवेश और वित्तीय सहयोग को नया रास्ता देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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