प्रमोशन के लिए अंकों में मिलेगी छूट
वरिष्ठता के आधार पर होने वाली पदोन्नति में SC-ST कर्मचारियों को सामान्य मानकों की तुलना में 10 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यह रियायत व्यावसायिक योग्यता के साथ-साथ कुल प्राप्त अंकों पर भी लागू होगी। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिल सकता है जो प्रमोशन के लिए जरूरी मानकों के करीब हैं।
अगर छूट देने के बाद भी आरक्षित पद खाली रह जाते हैं, तो ऐसे मामलों में 'बेस्ट अमंग द फेल्ड' व्यवस्था के तहत योग्य SC-ST कर्मचारियों पर विचार किया जा सकेगा। इसके लिए लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा और सेवा रिकॉर्ड जैसे अलग-अलग चरणों में न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी रहेगा।
पहले तदर्थ प्रमोशन, फिर होगा रिव्यू
इस व्यवस्था के तहत प्रमोशन मिलने पर कर्मचारी की कार्यक्षमता को करीब छह महीने तक देखा जाएगा। प्रदर्शन संतोषजनक पाए जाने पर पदोन्नति को नियमित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
LDCE में भी राहत जारी
30 प्रतिशत LDCE के जरिए होने वाली पदोन्नति में भी SC-ST कर्मचारियों के लिए अंकों से जुड़ी रियायत बरकरार रहेगी। हालांकि इस परीक्षा में 'बेस्ट अमंग द फेल्ड' का प्रावधान लागू नहीं होगा, क्योंकि यहां कर्मचारियों का चयन उनकी योग्यता के आधार पर किया जाता है।
रेलवे बोर्ड का यह फैसला प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर बनी पुरानी असमंजस की स्थिति को दूर करने के साथ आरक्षित पदों को भरने में मदद कर सकता है। इससे पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे SC-ST रेलकर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
.jpg)
0 comments:
Post a Comment