भारत में ही बनेंगी AK-203 की गोलियां! रूस के साथ बड़ी डील

नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) के साथ पांच साल का समझौता किया है। इसके तहत देश में तैयार हो रही AK-203 असॉल्ट राइफल के लिए 7.62x39 मिमी गोला-बारूद की आपूर्ति की जाएगी।

कानपुर में होगा गोलियों का निर्माण

समझौते के तहत गोला-बारूद का उत्पादन उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित अडानी डिफेंस के प्लांट में किया जाएगा। वहीं AK-203 राइफल का निर्माण अमेठी के कोरवा में हो रहा है। इससे राइफल और उसके लिए जरूरी गोला-बारूद की सप्लाई चेन को देश के भीतर ही मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सेना के लिए तैयार होंगी 6 लाख से ज्यादा राइफलें

IRRPL भारतीय सशस्त्र बलों के लिए 6,01,427 AK-203 राइफलों के निर्माण से जुड़ी है। परियोजना ने 100 फीसदी स्थानीयकरण का लक्ष्य भी हासिल कर लिया है। यानी राइफल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख हिस्सों का उत्पादन भारत में किया जा रहा है।

इस समझौते से विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटाने और सेना के लिए हथियार व गोला-बारूद की उपलब्धता मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। अडानी डिफेंस का रक्षा क्षेत्र में विस्तार भी लगातार बढ़ रहा है और कंपनी कई बड़े स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों का हिस्सा बन रही है।

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