इस फैसले से करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। मंजूरी मिलने पर बढ़ी हुई दर का लाभ 1 जुलाई 2026 से मिलने की उम्मीद है। देरी से फैसला होने पर कर्मचारियों को जुलाई से एरियर भी मिल सकता है।
50 फीसदी से ज्यादा DA होगा, लेकिन मर्जर नहीं
DA बढ़ने के साथ एक सवाल फिर चर्चा में है कि क्या इसे बेसिक सैलरी में शामिल किया जाएगा। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि DA को मूल वेतन में मर्ज करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। ऐसे में 63 फीसदी DA होने पर भी यह अलग भत्ते के तौर पर ही मिलने की संभावना है।
कर्मचारियों की एक और बड़ी मांग
कर्मचारी संगठन DA की गणना के तरीके में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई के असर को जल्दी कवर करने के लिए DA की गणना छह महीने के बजाय हर तीन महीने में की जानी चाहिए। साथ ही दशमलव वाली दर को राउंड ऑफ करने के बजाय वास्तविक आंकड़े के आधार पर भुगतान की मांग भी उठ रही है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर 3 फीसदी DA/DR बढ़ोतरी को लेकर सरकार के आधिकारिक फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अगर मंजूरी मिलती है तो बढ़ी हुई दर जुलाई 2026 से लागू हो सकती है।
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