गांव में बनेंगी डिजिटल लाइब्रेरी
ग्रामीण युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जाएंगी। इनके लिए 454 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यहां किताबों के साथ ई-बुक्स, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
पंचायत भवन बनेंगे सामाजिक केंद्र
सरकार पंचायत भवनों को बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। करीब 1000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए लगभग 57 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जा रही है। वहीं शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के लिए ग्रामीण इलाकों में पंचायत उत्सव भवन और बारात घर भी बनाए जाएंगे।
रखरखाव पर भी रहेगी नजर
इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए SOP तैयार की गई है। भवन की साफ-सफाई, सुरक्षा, किताबों और डिजिटल उपकरणों की देखरेख के साथ नियमित निरीक्षण पर जोर दिया जाएगा। नागरिकों से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी होगी।
इस योजना के जरिए गांवों में युवाओं को पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिलने के साथ ही ग्रामीणों को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा। इससे पंचायतें आने वाले समय में गांव के विकास और सामाजिक गतिविधियों का अहम केंद्र बन सकती हैं।

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