केंद्र सरकार का बड़ा कदम, छोटे कारोबारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। छोटे कारोबारियों और एमएसएमई के लिए केंद्र सरकार ने अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य छोटे व्यवसायों को जरूरी कारोबारी और नियामकीय प्रक्रियाओं को समझने तथा पूरा करने में आसानी देना है। सरकार का जोर कंप्लायंस को बोझ के बजाय कारोबार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का माध्यम बनाने पर है।

बजट में हुआ था ऐलान

'कॉर्पोरेट मित्र' की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी। इसके तहत प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो एमएसएमई को किफायती दर पर कारोबार और रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़ी सहायता दे सकेंगे। इस पहल में ICAI, ICSI और ICOAI की विशेषज्ञता के साथ IIT मद्रास, IIT मद्रास प्रवर्तक और स्वयं प्लस का तकनीकी व अकादमिक सहयोग शामिल है।

पहले बैच में 2,879 रजिस्ट्रेशन

तीनों प्रोफेशनल संस्थानों ने 'कॉर्पोरेट मित्र' कोर्स शुरू कर दिया है। इसके पहले बैच में 2,879 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इसके लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिसके जरिए प्रशिक्षण को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

12 महीने में मिलेगी पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

'कॉर्पोरेट मित्र' कार्यक्रम की अवधि 12 महीने रखी गई है। पहले छह महीने में करीब 150 घंटे की ऑनलाइन अकादमिक ट्रेनिंग होगी। इसके बाद छह महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग कराई जाएगी, जहां प्रतिभागियों को प्रोफेशनल फर्मों में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से एमएसएमई के लिए कंप्लायंस आसान होगा, कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी और छोटे उद्यमों के औपचारिकरण को भी गति मिलेगी।

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