17 साल से था इंतजार
किशनगंज-जलालगढ़ रेल लाइन का प्रस्ताव वर्ष 2008-09 से चर्चा में था। लंबे समय से अटकी इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने लोकसभा में मुद्दा उठाने के साथ रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया। 30 जुलाई 2026 को भारत के राजपत्र में जारी अधिसूचना के बाद अब जमीन के सर्वे, पैमाइश, आपत्तियों और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
किसानों और कारोबारियों को फायदा
रेल लाइन बनने से पूर्णिया और किशनगंज क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यात्रा आसान हो सकती है। वहीं कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में समय और परिवहन लागत कम होने से किसानों को भी फायदा मिल सकता है।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
नई रेल परियोजना से निर्माण के दौरान रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण इस रेल संपर्क का प्रशासनिक और रणनीतिक महत्व भी माना जा रहा है।
अब क्षेत्र के लोगों की नजर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और टेंडर के बाद निर्माण कार्य शुरू होने पर है। लंबे इंतजार के बाद परियोजना के आगे बढ़ने को सीमांचल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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