पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।
वित्त रहित शिक्षकों के लिए नया वेतनमान
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त रहित शिक्षकों के लिए सरकारी अनुदान और उनके आंतरिक संसाधनों को मिलाकर नया वेतनमान तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस ऐलान से प्रदेश के बड़ी संख्या में वित्त रहित शिक्षकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान सितंबर में किए जाने की बात भी कही गई।
शिक्षा व्यवस्था में होंगे कई बदलाव
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में 551 मॉडल स्कूल शुरू किए जा चुके हैं और आगे करीब 700 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद दी जाएगी।
सरकार घर से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए लाइव क्लास की सुविधा बढ़ाने पर भी काम कर रही है। शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ परीक्षा और परिणाम व्यवस्था को भी तेज किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि मैट्रिक और प्लस टू के परिणाम परीक्षा खत्म होने के सात दिनों के भीतर जारी किए जाएं।
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