इसका फायदा यह होगा कि किसान फसल को तुरंत बेचने के बजाय कुछ समय तक सुरक्षित रख सकेंगे। बाजार में भाव बेहतर होने पर प्याज बेचकर अधिक आमदनी हासिल करने का मौका मिलेगा।
25 और 50 मीट्रिक टन के बनेंगे स्टोरेज
सरकार की योजना के तहत किसानों के लिए 25 मीट्रिक टन और 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण गृह बनाए जा सकेंगे। इन स्टोरेज हाउस का निर्माण निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के अनुसार करना होगा, ताकि प्याज लंबे समय तक खराब होने से बच सके।
भंडारण गृह में हवा के पर्याप्त आवागमन और नमी से बचाव की व्यवस्था जरूरी होगी। साथ ही स्टोर करने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाले और पूरी तरह सूखे प्याज का चयन करना होगा।
कम भाव में बिक्री का दबाव होगा कम
प्याज की कीमत गिरने पर किसानों को अपनी उपज तुरंत बेचने की जरूरत कम होगी। वे बाजार की स्थिति के अनुसार बिक्री का समय तय कर सकेंगे। इससे बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार हो सकता है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन और अनुदान से संबंधित जानकारी कृषि एवं बागवानी विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

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