7 दिन में मैट्रिक रिजल्ट का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा का परिणाम सिर्फ 7 दिन के भीतर जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक परीक्षाओं के नतीजे 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था तैयार की जाएगी। कम अंक आने वाले विद्यार्थियों को 15 दिन के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका देने की भी बात कही गई है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पटना हाईकोर्ट के एक सिटिंग जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
शिक्षकों के लिए विशेष विश्वविद्यालय
राज्य के सात लाख से अधिक शिक्षकों की ट्रेनिंग और गुणवत्ता सुधारने के लिए अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की गई है। शिक्षकों के तबादले को भी आसान बनाने की बात कही गई। महिला शिक्षकों को नजदीकी पंचायत और पुरुष शिक्षकों को अपने पंचायत या आसपास के प्रखंड में तबादले का विकल्प देने की योजना है।
बिहार में खुलेंगी निजी यूनिवर्सिटी
छात्रों के दूसरे राज्यों में जाने को कम करने के लिए बिहार में निजी विश्वविद्यालयों के विस्तार को मंजूरी दी गई है। फिलहाल चार निजी विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति दिए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
लंबित वेतन पर भी बड़ा आश्वासन
मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का बकाया वेतन सितंबर में देने का आश्वासन दिया गया है। वित्त रहित शिक्षकों के लिए सरकारी अनुदान और संस्थानों के आंतरिक संसाधनों को मिलाकर नया वेतनमान तैयार करने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बीपीएससी के जरिए 33 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एआई जैसी तकनीकों की मदद लेने की तैयारी भी है।

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