इनमें एनएच-139 डब्ल्यू सबसे अहम परियोजनाओं में शामिल है। इसके तहत बेतिया से पटना के बीच करीब 171.29 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 8,660.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क बनने के बाद पटना, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के बीच आवागमन बेहतर होगा। इससे उत्तर बिहार के लोगों को राजधानी पटना आने-जाने में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
दूसरी परियोजना एनएच-727 एए है, जो बेतिया के मनुआपुल से गंडक नदी को पार करते हुए उत्तर प्रदेश के सेवरही क्षेत्र तक कनेक्टिविटी मजबूत करेगी। करीब 29.24 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में गंडक नदी पर 11.24 किलोमीटर लंबा पुल भी प्रस्तावित है। इस पूरी परियोजना पर करीब 3,294.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जमीन अधिग्रहण में तेजी
दोनों सड़कों के निर्माण के लिए कुल 16 गांवों की जमीन ली जानी है। प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग समयसीमा दी है। जिन जमीन मालिकों की ओर से आपत्तियां हैं, उनका भी जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे बनने के बाद पश्चिमी चंपारण और आसपास के इलाकों में आवागमन आसान होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे बिहार और यूपी के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा।

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