नई व्यवस्था राज्य सरकार के अधीन काम करने वाले लोक सेवकों के साथ-साथ सरकार के नियंत्रण वाले निगमों, कंपनियों और बैंकों पर भी लागू होगी। सरकारी वित्तीय सहायता पाने वाले संस्थानों के कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे।
CBI को पहले भेजना होगा प्रस्ताव
राज्य सरकार से जुड़े किसी मामले की जांच करनी है तो CBI को पहले बिहार सरकार के पास औपचारिक प्रस्ताव भेजना होगा। इसके बाद संबंधित मामले की समीक्षा की जाएगी और उसी आधार पर जांच की अनुमति देने या नहीं देने का फैसला होगा।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अलग नियम
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मामलों में यह व्यवस्था अलग रहेगी। ऐसे मामलों में CBI को जांच की सहमति दी गई है। नई गाइडलाइन के बाद बिहार में राज्य सरकार और CBI के बीच जांच से जुड़े अधिकार और प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो गई है।

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