मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। सासामूसा मिल के लिए निवेशकों के साथ आगे की प्रक्रिया बढ़ाने, जबकि मोतीपुर की जमीन से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को मिलेंगी 3 बड़ी राहत
चीनी मिलें शुरू होने से गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी फसल बेचने का बाजार मिलेगा। इससे दूर की मंडियों तक उपज ले जाने का खर्च और परेशानी कम हो सकती है। मिलों के संचालन से गन्ने की मांग बढ़ने और किसानों को समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद भी है।
दूसरी ओर, सरकार गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश बढ़ाने के लिए निवेश नीति-2026 में बदलाव की तैयारी कर रही है। जमीन आवंटन और परियोजनाओं की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम किया जा रहा है, जिससे नए निवेश आने का रास्ता खुल सकता है।
जलजमाव और नीलगाय की समस्या पर भी काम
गन्ना किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने जलजमाव से निपटने के लिए बड़े स्तर की परियोजना का डीपीआर तैयार करने को कहा है। वहीं नीलगाय से फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तकनीक आधारित समाधान का प्रस्ताव केंद्र को भेजने की तैयारी है।
तीनों चीनी मिलें शुरू होने पर किसानों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment