GDP के बाद सरकारी खजाने में भी बंपर वृद्धि, देश के लिए आई बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह सप्ताह दोहरी राहत लेकर आया है। पहले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया और अब देश की आर्थिक ताकत का एक और अहम संकेत सामने आया है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है और यह नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

740 अरब डॉलर के पार पहुंचा रिजर्व

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 अरब डॉलर बढ़कर 740.803 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले 21 अगस्त वाले सप्ताह में रिजर्व 729.328 अरब डॉलर था। यानी महज दो सप्ताह में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में करीब 23.9 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।

यह आंकड़ा फरवरी में दर्ज पुराने रिकॉर्ड से भी आगे निकल गया है। मार्च के बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 49.70 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि पिछले साल की तुलना में भी इसमें करीब 46.57 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।

विदेशी मुद्रा और सोने ने दिया सहारा

रिजर्व में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा योगदान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का रहा। इस हिस्से में 9.337 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 600.67 अरब डॉलर हो गया। वहीं देश का गोल्ड रिजर्व भी मजबूत हुआ है। सोने के भंडार का मूल्य करीब 2.19 अरब डॉलर बढ़कर 116.41 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि SDR और IMF के पास भारत की रिजर्व पोजीशन में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

RBI की रणनीति से बढ़ा डॉलर का प्रवाह

विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी के पीछे RBI की ओर से विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों को भी अहम माना जा रहा है। NRI जमा से जुड़े विशेष उपायों के जरिए भारतीय बैंकों में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ा है। FCNR(B) खाते के माध्यम से विदेशों में रहने वाले भारतीय विदेशी मुद्रा में रकम जमा कर सकते हैं और जमा राशि तथा ब्याज उसी विदेशी मुद्रा में प्राप्त कर सकते हैं।

विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने से देश के रिजर्व को मजबूती मिलती है और जरूरत पड़ने पर RBI को रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को संभालने में भी मदद मिलती है। GDP में बेहतर प्रदर्शन के बाद फॉरेक्स रिजर्व का रिकॉर्ड स्तर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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