₹18,000 से कितनी हो सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी?
7वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 निर्धारित की गई थी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। अगर फिटमेंट फैक्टर करीब 1.92 से 2.35 के बीच रहता है, तो ₹18,000 की मौजूदा बेसिक पे बढ़कर लगभग ₹34,500 से ₹42,300 के आसपास हो सकती है। वहीं अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह राशि और ज्यादा हो सकती है।
क्या होगी ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मियों की सैलरी?
ग्रुप-D(लेवल-1): वर्तमान बेसिक पे ₹18,000, संभावित फिटमेंट फैक्टर 1.92x से 2.35x, अनुमानित नई बेसिक पे ₹34,500 से ₹44,000 तक।
ग्रुप-D (लेवल-1): अगर 2.86x फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो अनुमानित नई बेसिक पे ₹51,480 हो सकती है।
ग्रुप-C (लेवल-2): वर्तमान बेसिक पे ₹19,900, संभावित फिटमेंट फैक्टर 2.15x से 2.35x, अनुमानित नई बेसिक पे ₹42,700 से ₹46,700 तक।
ग्रुप-C (लेवल-3): वर्तमान बेसिक पे ₹21,700, संभावित फिटमेंट फैक्टर 2.15x से 2.35x, अनुमानित नई बेसिक पे ₹46,600 से ₹51,000 तक।
बेसिक सैलरी के अलावा भी दूसरे लाभ
नई वेतन व्यवस्था में सिर्फ बेसिक पे ही महत्वपूर्ण नहीं होगी। महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों का भी कुल वेतन पर असर पड़ेगा। इसलिए बेसिक पे में बढ़ोतरी और हाथ में मिलने वाली वास्तविक सैलरी अलग-अलग हो सकती है।
कर्मचारियों की एक और बड़ी मांग
कर्मचारी संगठनों की ओर से सालाना इंक्रीमेंट को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाने की मांग भी सामने आई है। कुछ प्रस्तावों में इसे 5 से 7 प्रतिशत तक करने की बात कही गई है। अगर ऐसी मांग स्वीकार होती है तो लंबे समय में कर्मचारियों की कमाई पर इसका अतिरिक्त असर पड़ सकता है।
8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे जरूरी बात
फिलहाल ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए ₹34 हजार, ₹44 हजार, ₹57 हजार या ₹69 हजार जैसी रकम को अंतिम नई सैलरी नहीं माना जा सकता। ये अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर और मांगों के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं। अंतिम वेतन संरचना 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी।
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