हर दिन अलग मेन्यू में पौष्टिक खाना
बच्चों की पसंद और पोषण जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें रोटी-सब्जी, चावल-दाल और मौसमी सब्जियों से बनी तहरी जैसे व्यंजन शामिल हैं। प्रत्येक बच्चे के लिए प्रतिदिन 70 ग्राम खाद्यान्न का मानक रखा गया है।
भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी
बच्चों को खाना परोसने से पहले भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की जांच की जाती है। अनाज की अच्छी तरह सफाई और सब्जियों को धोने के निर्देश दिए गए हैं। रोस्टर के अनुसार कम से कम दो वयस्क भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं।
हजारों केंद्रों पर व्यवस्था
यह योजना प्रदेश के करीब 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित की जा रही है। स्कूलों के साथ संचालित केंद्रों पर पीएम पोषण योजना की रसोई का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि अन्य केंद्रों पर स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायतें खाना बनाने के लिए जरूरी बर्तन और गैस की व्यवस्था करती हैं।
विभाग के अनुसार, करीब 32.88 लाख बच्चों तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पहुंचाने का लक्ष्य नियमित रूप से पूरा किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही संतुलित आहार उपलब्ध कराकर कुपोषण की समस्या को कम करना है।

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