केंद्र सरकार की जबरदस्त योजना, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। खेती में सिंचाई का खर्च किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनता है। डीजल की बढ़ती कीमत और कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों को फसल बचाने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना किसानों के लिए राहत का जरिया बन सकती है।

सोलर पंप पर मिलती है सरकारी मदद

पीएम-कुसुम योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर कृषि पंप लगाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य राज्यों में स्टैंडअलोन सोलर पंप की लागत पर केंद्र की ओर से 30 फीसदी और राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 फीसदी सहायता का प्रावधान है। यानी पात्रता और लागू नियमों के अनुसार कुल सहायता कम से कम 60 फीसदी तक हो सकती है।

किसान के हिस्से की रकम के लिए बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। कुछ मामलों में किसान को शुरुआत में करीब 10 फीसदी राशि देनी पड़ सकती है, जबकि वास्तविक राशि राज्य के नियम और पंप की लागत पर निर्भर करेगी।

7.5 HP तक का सोलर पंप

योजना के Component-B के तहत ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में किसान 7.5 HP तक के सोलर कृषि पंप लगवा सकते हैं। जरूरत के अनुसार 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता के पंप का विकल्प लिया जा सकता है।

सोलर बिजली से कमाई का भी मौका

पीएम-कुसुम के Component-A के तहत पात्र किसान और किसान समूह आदि ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट भी लगा सकते हैं। योजना के नियमों के तहत जरूरत से ज्यादा पैदा हुई बिजली को संबंधित DISCOM को बेचकर अतिरिक्त आय का रास्ता बनाया जा सकता है।

आवेदन में रखें सावधानी

किसान योजना की जानकारी और आवेदन के लिए PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल या अपने राज्य की अधिकृत एजेंसी की वेबसाइट का इस्तेमाल करें। आवेदन के दौरान आधार, जमीन से जुड़े दस्तावेज और बैंक संबंधी जानकारी मांगी जा सकती है। योजना के नाम पर फर्जी वेबसाइट और एजेंटों से भी सावधान रहें। किसी को भी पैसा देने से पहले संबंधित पोर्टल और एजेंसी की प्रामाणिकता जरूर जांच लें।

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