बिहार में बिछेगी नई रेल लाइन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के सीमांचल क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गोरखपुर-गुवाहाटी रेलखंड पर मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी मिलने से फारबिसगंज और आसपास के जिलों में खुशी का माहौल है। इस परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर अतिरिक्त लाइनें बिछाने की योजना है।

प्रस्तावित रेल विस्तार में रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज और न्यू जलपाईगुड़ी जैसे प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है। इससे इस पूरे रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

गुवाहाटी से दिल्ली तक

मल्टी ट्रैकिंग का फायदा केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गुवाहाटी से दिल्ली के बीच रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त लाइनें तैयार होने के बाद मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम हो सकता है और यात्री एवं मालगाड़ियों के परिचालन का विस्तार संभव होगा।

सीमांचल में बढ़ सकती हैं ट्रेनें

फारबिसगंज और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को इस परियोजना से रेल सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। रेल लाइन की क्षमता बढ़ने के बाद भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन और मौजूदा सेवाओं के विस्तार की संभावना बन सकती है। इससे लंबे समय से बेहतर रेल सुविधा की मांग कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फारबिसगंज-लक्ष्मीपुर रेल संपर्क जोड़ने की मांग

स्थानीय संगठनों ने फारबिसगंज से लक्ष्मीपुर के बीच निर्माणाधीन 17.60 किलोमीटर रेल संपर्क को भी इस परियोजना से जोड़ने की मांग उठाई है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी तथा फारबिसगंज से सिलीगुड़ी की यात्रा भी आसान हो सकती है।

सीमांचल के लिए अहम साबित हो सकती है परियोजना

मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को सीमांचल के रेल विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से व्यस्त रेल रूट की क्षमता बढ़ेगी और आने वाले समय में यात्री तथा माल परिवहन के विस्तार का रास्ता खुल सकता है। अब लोगों की नजर परियोजना के क्रियान्वयन और स्थानीय रेल प्रस्तावों को इसमें शामिल किए जाने पर है।

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