बिहार में गांवों तक पहुंचेगा आयुर्वेद, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार सरकार अब आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं को शहरों के साथ गांवों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। सरकार का जोर आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आधारित उपचार से जोड़ने पर है। राज्यस्तरीय आयुर्वेद दिवस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसका लाभ ग्रामीण और गरीब परिवारों तक भी पहुंचाया जाएगा।

294 आयुष केंद्र और अस्पताल होंगे विकसित

राज्य में 294 आयुष आरोग्य मंदिर और आयुष अस्पतालों को विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके साथ ही राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, पटना में अस्पताल, अनुसंधान प्रयोगशाला, आधारभूत ढांचे और मरीजों के भर्ती इंतजाम को आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

मुफ्त दवाओं की भी तैयारी

आयुर्वेदिक दवाओं को आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा होने पर चिकित्सकों द्वारा इन दवाओं की सलाह देने और मरीजों को इन्हें निशुल्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आयुर्वेद के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने की भी योजना है।

डिजिटल रिकॉर्ड और AI पर जोर

सरकार चिकित्सा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल, मरीजों के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, शोध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को भी बढ़ावा देना चाहती है। अधिकारियों का कहना है कि आयुष चिकित्सा को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रमाण आधारित शोध पर विशेष ध्यान जरूरी है।

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