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इस कारण कुछ महिलाएं जल्दी हो जाती है गर्भवती

हेल्थ डेस्क: इस दुनिया में जीतनी भी महिलाएं होती हैं उन सभी महिलाओं के शारीरिक संरचना अलग अलग प्रकार की होती हैं। कुछ महिलाओं को गर्भवती होने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं तो कुछ महिलाएं बहुत जल्द गर्भवती हो जाती हैं। आज मेडिकल साइंस के द्वारा इन्ही बातों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे की कुछ महिलाओं के शरीर में ऐसा क्या होता हैं। जिसके कारण कुछ महिलाएं बहुत जल्दी गर्भवती हो जाती हैं और उन्हें माँ बनने में भी कोई समस्या नहीं होती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इस कारण कुछ महिलाएं जल्दी हो जाती हैं गर्भवती।
1 .मेडिकल साइंस के अनुसार जिन महिलाओं के शरीर का पीएच लेवल सामान्य होता हैं वो महिलाएं जल्दी गर्भवती हो जाती हैं। क्यों की पीएच लेवल सामान्य रहने से महिलाओं के शरीर का तापमान भी स्थिर रहता हैं। साथ हीं साथ महिलाओं के ओवरीज में रक्त का संचार भी गतिशील रहता हैं। जिसके कारण महिलाओं के गर्भाशय में बनने वाले अंडे पुरुषों के शुक्राणु से मिल कर बहुत जल्द भूर्ण का निर्माण लेते हैं और वो महिला गर्भवती हो जाती हैं। महिलाएं ब्लड टेस्ट के द्वारा अपने शरीर का पीएच लेवल जान सकती हैं।
2 .जिन महिलाओं के मेल पार्टनर का ब्लड ग्रुप पॉजिटिव फैक्टर का होता हैं। वो महिला जल्दी गर्भवती हो जाती हैं। क्यों की पॉजिटिव फैक्टर वाले मेल पार्टनर के शुक्राणुओं में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती हैं जो महिलाओं के अंडे को बहुत जल्द एक भूर्ण में बदल देता हैं और महिला गर्भवती हो जाती हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार वैसे कपल जिनमें महिला का ब्लड ग्रुप नेगेटिव फैक्टर का और पुरुष का ब्लड ग्रुप पॉजिटिव फैक्टर का होता हैं उन महिलाओं को माँ बनने में भी परेशानी नहीं होती हैं और महिला जल्दी गर्भवती हो जाती हैं।
3 .अगर किसी महिला का मासिक धर्म समय पर होता हैं और उनके शरीर में थायराइड या टीवी जैसी कोई समस्या नहीं होती हैं वो महिलाएं जल्दी गर्भवती हो जाती हैं। क्यों की उनके शरीर में एक स्वास्थ्य और उच्च किस्म के अंडे का निर्माण होता हैं जो बहुत जल्द भूर्ण में बदल जाता हैं। इसलिए जल्दी गर्भवती होने के लिए महिलाओं को समय समय पर अपने ब्लड और थायराइड जांच कराते रहना चाहिए ताकि उसे बाद में कोई परेशानी ना हो।
4 .वैसी महिलाएं जिनके शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण ज्यादा होता हैं वो महिला जल्दी गर्भवती हो जाती हैं और उनके माँ बनने में भी कोई दिक्कत नहीं होती हैं । क्यों की प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण ज्यादा होने के कारण महिलाएं शारीरिक रूप से स्वास्थ्य होती हैं और उनके शरीर में रक्त का संचार भी सही तरीकों से होता हैं। साथ हीं साथ महिलाओं के गर्भाशय में उच्च किस्म के अंडे बनते हैं जो पुरुषों के शुक्राणुओं के संपर्क में आते हीं भूर्ण का निर्माण कर लेते हैं। जिससे महिला जल्दी गर्भवती हो जाती हैं।

खूबसूरत महिला होने का ये हो सकता है नुकसान

हेल्थ डेस्क: इस दुनिया में ज्यादा तर पुरुष शादी करने के लिए या रिलेशनशिप में रहने के लिए खूबसूरत महिला को पसंद करते हैं। लेकिन डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेलेंसिया के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च के बाद एक रिपोर्ट जारी किया और उसने बताया की खूबसूरत होने के कुछ नुकसान भी होते हैं। जिससे हर महिला या पुरुष को इसके बारे में जान लेना चाहिए। आज इसी रिसर्च के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की खूबसूरत महिला होने का ये हो सकता है नुकसान।
रिसर्च, डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेलेंसिया के शोधकर्ताओं ने बताया की जो महिलाएं बहुत ज्यादा सुंदर होती हैं उनके शरीर में अंडे की गुणवत्ता आम महिलाओं के मुकाबले ख़राब होती हैं। इन महिलाओं में एस्ट्रोजन का बढ़ता स्तर महिलाओं के अंडे की गुणवत्ता को नष्ट कर देता हैं और शारीरिक रूप से महिलाओं को कमजोर बना देता हैं। इतना हीं नहीं शोधकर्ताओं का ये भी कहना हैं की ये महिलाएं जल्दी प्रेगनेंट नहीं हो पाती हैं और इन्हे माँ बनने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।
इस रिसर्च को करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेलेंसिया के शोधकर्ताओं ने 60 महिलाओं को शामिल किया। जिसमे से 30 महिलाएं आम महिला थी और 30 महिलाएं दिखने में बहुत ज्यादा खूबसूरत थी। इन महिलाओं पर शोधकर्ताओं की एक टीम 45 दिनों तक एक अध्ययन किया। इस अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने महिलाओं के शरीर में पाए जाने अंडे की गुणवत्ता उनकी एकाग्रता और गतिशीलता का निरिछण किया।
इस रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया की वैसी महिलाएं जो बहुत ज्यादा खूबसूरत हैं उनके शरीर में पाए जाने वाले अंडे की गुणवत्ता आम महिलाओं के मुकाबले 4.65 फीसदी कमजोर होता हैं जो खूबसूरत महिलाओं के लिए बहुत बड़ा नुकसान हैं। साथ हीं साथ खूबसूरत महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन्स का स्राव ज्यादा और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का स्राव कम होता हैं। किसके कारण इन्हे शरीर के हार्मोन्स स्थिर नहीं रहते हैं और ये महिलाएं आम महिलाओं के मुकाबले ज्यादा बीमार पड़ती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेलेंसिया के शोधकर्ताओं का कहना हैं की महिलाओं पर किया गया ये रिसर्च वर्ल्ड हेल्थ संगठन के नियमों पर आधारित हैं। ताकि लोगों को इसके बारे में सही जानकारी मिल सके।

महिलाओं के लिए खबर, अगर माँ बनना है तो तुरंत छोड़ दें ये 3 आदतें

साइंस की बात करें तो शादी हो जाने के बाद सभी महिला अपने जीवन में माँ बनना चाहती हैं और एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म देना चाहती हैं। लेकिन उनके अंदर कुछ ऐसी आदतों का जन्म हो जाता हैं। जिसके कारण महिलाओं को प्रेगनेंट होने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन आदतों के बारे में जिन आदतों की वजह से महिलाएं माँ नहीं बन पाती हैं। इसलिए महिलाओं को वो आदतें छोड़ देनी चाहिए। तो आइये जानते हैं विस्तार से की अगर माँ बनना है तो तुरंत छोड़ दें ये 3 आदतें।
इमली का सेवन, मेडिकल साइंस के अनुसार अगर कोई महिला माँ बनना चाहती हैं तो उसे इमली का सेवन बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। क्यों की इमली में ऐसे ऑक्सीडेंटिक गुण होते हैं जो महिलाओं के गर्भाशय में भूर्ण का निर्माण नहीं होने देता हैं और गर्भाशय में पाए जाने वाले अंडे की गुणवत्ता को ख़राब कर देता हैं। इसलिए अगर कोई महिला माँ बनना चाहती तो उसे तुरंत ये आदत छोड़ देनी चाहिए। महिलाओं को पानी पूरी या इमली से बने खाद्य पदार्थ नहीं खानी चाहिए। इससे प्रेगनेंट होने में परेशानी हो सकती हैं और महिलाओं का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता हैं।
जंक फ़ूड, अगर कोई महिला माँ बनना चाहती हैं तो उसे जंक फ़ूड खाने की आदत छोड़ देनी चाहिए। क्यों की मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जंक फ़ूड में बहुत से ऐसे हानिकारक केमिकल और पदार्थ मौजूद होते हैं जो महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। साथ हीं साथ इसे खाने में महिलाओं में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स के निर्माण में कमी आ जाती हैं। जिससे कारण महिलाओं के गर्भाशय में उच्च किस्म के अंडे का निर्माण नहीं हो पाता हैं और महिलाएं प्रेगनेंट नहीं हो पाती हैं।
शराब, आज के वर्तमान समय में बहुत हीं महिलाएं ऐसी हैं जो शराब का सेवन करती हैं जो महिलाओं के लिए खतरनाक साबित होती हैं। अगर कोई महिला माँ बनना चाहती हैं तो उसे शराब का सेवन बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। क्यों की शराब में अल्कोहल के साथ साथ कई तरह के ऐसे केमिकल मौजूद होते हैं जो महिलाओं के गर्भाशय में भूर्ण के निर्माण को प्रभावित करते हैं और महिलाएं प्रेगनेंट नहीं हो पाती हैं। इसलिए महिलाएं शराब पीने की आदत को तुरंत छोड़ दें। इससे स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा और माँ बनने में भी कोई समस्या नहीं आएगी।

प्रेगनेंट होने के बाद महिलाएं न करें इन 3 चीजों का सेवन

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो हर महिला के जीवन में एक समय ऐसा आता हैं जब महिलाएं प्रेगनेंट होती हैं। इस प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को बहुत तरह सावधानी बरतने की ज़रूरत होती हैं ताकि उसे किसी परेशानी का सामना करना ना पड़े। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन चीजों के बारे में जिन चीजों का सेवन प्रेगनेंट होने के बाद महिलाएं भूलकर भी ना करें। क्यों की इससे महिलाओं में गर्भपात होने के चांस बढ़ जाते हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की प्रेगनेंट होने के बाद महिलाएं न करें इन 3 चीजों का सेवन।
कच्चा पपीता, मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार प्रेगनेंट होने के बाद महिलाओं को कच्चा पपीता का सेवन नहीं करनी चाहिए। क्यों की कच्चा पपीता में कई सारे से अनैतिक गुण होते हैं जो महिलाओं के गर्भाशय में विकसित हो रहे भूर्ण को नुकसान पहुँचाते हैं। इससे महिलाओं को गर्भपात भी हो सकता हैं और साथ हीं साथ उनका स्वस्थ्य भी प्रभावित हो सकता हैं। इसलिए अगर कोई महिला प्रेगनेंट होना चाहती हैं या फिर प्रेगनेंट हो गयी हैं तो वो कच्चा पपीता का सेवन बिल्कुल भी ना करें।
फ़ास्ट फ़ूड, प्रेगनेंट होने के बाद महिलाओं को फ़ास्ट फ़ूड का सेवन भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। क्यों की फ़ास्ट फ़ूड में डिएस्टिल नामक केमिकल पाया जाता हैं। जो गर्भ में विकसित होने वाले भूर्ण को ख़राब कर देता हैं और महिलाएं गर्भपात का शिकार हो जाती हैं। साथ हीं साथ फ़ास्ट फ़ूड में और भी कई तरह के ऐसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं। जिससे महिलाएं अस्वस्थ्य हो जाती हैं और उनके शरीर में थकान की समस्या भी उत्पन होने लगती हैं। इसलिए प्रेगनेंट होने के बाद फ़ास्ट फ़ूड का सेवन नहीं करनी चाहिए।

अनानास, मेडिकल साइंस के अनुसार प्रेगनेंट होने के तुरंत बाद महिलाओं को अनानास का सेवन नहीं करनी चाहिए। क्यों की अनानास में कुछ ऐसे ऑक्सीडेंटिक गुण होते हैं जिससे प्रेगनेंट महिलाओं को गर्भपात हो सकता हैं और साथ हीं साथ महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो सकती हैं। इसलिए अगर आप प्रेगनेंट महिला हैं या आपकी नई नई प्रेग्नेंसी हुयी हैं तो आप अनानास का सेवन भूलकर कर भी ना करें। ये महिला के साथ साथ उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी अच्छा होगा।

पुरुषों के लिए खबर, अगर पिता बनना है तो तुरंत छोड़ दें ये 3 आदतें

हेल्थ डेस्क: आज के वर्तमान समय में पुरुष अपने लाइफ स्टाइल में कुछ ऐसी आदतें बना लेते हैं। जिसके कारण उनमे पिता बनने की संभावना धीरे धीरे कम हो जाती हैं और वो पुरुष पिता नहीं बन पाते हैं। आज इसी विषय में मेडिकल साइंस के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे पुरुष के उन आदतों के बारे में जिन आदतों की वजह से पुरुष पिता नहीं बन पाते हैं। इसलिए हर पुरुष को इन बातों के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की अगर पिता बनना है तो तुरंत छोड़ दें ये 3 आदतें।
शराब, मेडिकल साइंस के अनुसार शराब की आदत पुरुषों के लिए सबसे खतरनाक होता हैं। इस आदत की वजह से पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं की संख्या धीरे धीरे कम हो जाते हैं। जिसके कारण पुरुष पिता नहीं बन पाते हैं और उनका सेहत भी खराब हो जाता हैं। क्यों की शराब में कई तरह के केमिकल के साथ साथ अल्कोहल की मात्रा सबसे अधिक होती हैं जो पुरुषों को शारीरिक और मानसिक रूप से भी बीमार बनाता हैं। इसलिए पुरुष भूलकर कर भी शराब का सेवन न करें और इन आदतों को तुरंत छोड़ दे ये आपके आने वाले भविष्य के लिए भी अच्छा होगा।
तनाव, आज के वर्तमान समय में अधिक काम की वजह से पुरुष धीरे धीरे तनाव और डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। एक शोध के अनुसार तनाव में रहने से पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण लगभग रूक सा जाता हैं। जिसके कारण उनके शरीर में अच्छी गुणवत्ता वाले शुक्राणुओं का निर्माण नहीं हो पाता हैं और पुरुष पिता बनने में असमर्थ हो जाते हैं। इसलिए पुरुषों को किसी भी काम को ले कर ज्यादा टेंशन नहीं लेना चाहिए और अपनी जिंदगी हैप्पी हैप्पी एन्जॉय करनी चाहिए। इससे पुरुषों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा और पिता बनने में भी कोई परेशानी नहीं आएगी।
सिगरेट, मेडिकल साइंस के अनुसार अगर किसी पुरुष को पिता बनना हैं तो उसे सिगरेट की आदत तुरंत छोड़ देनी चाहिए। क्यों की सिगरेट में निकोटिन नामक पदार्थ पाया जाता हैं जो पुरुषों के शरीर में पाए जाने वाले शुक्राणुओं की संख्या को कम कर देता हैं। इससे पुरुष पिता बनने में असमर्थ हो जाते हैं और उनका सेहत भी ख़राब हो जाता हैं। डॉक्टरों का कहना हैं की सिगरेट में ऐसे हानिकारक तत्व होते हैं जो पुरुषों के लिए जहर के समान होता है। इसलिए पुरुष अपनी ये आदतों को तुरंत छोड़ दें।

शादी के 2 साल बाद करनी चाहिए बच्चे की प्लानिंग

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो इस दुनिया में जितने भी कपल होते हैं वो शादी होने बाद बच्चे की प्लानिंग करने लगते हैं। लेकिन उन्हें ये समझ में नहीं आता हैं की इस समय बच्चे की प्लानिंग उनके लिए सही रहेगा या नहीं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक रिसर्च के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की शादी के कितने साल बात बच्चे की प्लानिंग करनी चाहिए। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की शादी के 2 साल बाद करनी चाहिए बच्चे की प्लानिंग।
रिसर्च, डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च के बाद बताया की शादी के 2 साल बाद कपल को बच्चे की प्लानिंग करनी चाहिए। क्यों की शादी के दो साल बाद दिमाग में ऑक्सीटोसिन हार्मोन्स के स्राव होने से कपल के बीच भावनात्मक लगाव हो जाता हैं। जिससे महिला और पुरुष दोनों के शरीर में प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का स्राव बढ़ जाता हैं और पुरुषों के शुक्राणुओं में प्रोटीन की मात्रा भी बढ़ जाती हैं। जिसके कारण इस समय प्रेगनेंट होने वाली महिलाएं एक स्वस्थ्य और सेहतमंद बच्चे को जन्म देती हैं।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर जॉर्डन निक का कहना हैं की इस शोध के दौरान हमारी टीम ने 80 कपल को शामिल किया और उन कपल पर 6 महीने तक रिसर्च किया। इस रिसर्च के दौरान हमने महिला और पुरुष के शरीर में होने वाले हार्मोनिक बदलाव पर एक अध्ययन किया। जिससे ये साबित हो पाया की शादी के 2 साल बाद बच्चे की प्लानिंग करना सबसे बेहतर होता हैं। इससे रिश्तों में भी मिठास बनी रहती हैं और प्रेम संबंध भी मधुर रहता हैं।
इस शोध के अनुसार वैसे कपल जो शादी के एक साल के अंदर हीं माता पिता बन जाते हैं उनका रिलेशनशिप जल्द ख़त्म हो जाता हैं और धीरे धीरे उनके प्रेम संबंध भी ख़राब हो जाते हैं। इसलिए हर कपल को शादी के 2 साल बाद बच्चे की प्लानिंग करनी चाहिए। इससे महिला और पुरुष दोनों का स्वस्थ्य अच्छा रहता हैं और उनका आने वाला भविष्य भी अच्छा रहता हैं।

दुकान में चाहिए बरकत तो क्या करें

शास्त्रों की बात करें तो दुकानों में कई तरह के लोगों के आने जाने से वास्तु दोष उत्पन हो जाता हैं और दुकान की बरकत नहीं हो जाती हैं। साथ हीं साथ दुकान पर बुरी शक्तियों का भी असर होने लगता हैं जिससे आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ता हैं। आज इसी संदर्भ में वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे उपाय के बारे में जानने की कोशिश करेंगे की अगर आप ऐसा उपाय करते हैं तो आपके दुकान में वास्तु दोष की समस्या उत्पन नहीं होगी और दुकान में बरकत बना रहेगा। तो आइये जानते हैं विस्तार से की दुकान में चाहिए बरकत तो क्या करें।
1 .वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप अपने दुकान में बरकत चाहते हैं तो सबसे पहले आप अपने दुकान में शिव चालीसा को उस जगह पर रखें। जहां आप पूजा करने की सामग्री रखते हैं। इतना हीं नहीं प्रतिदिन सुबह में उस शिव चालीसा को नमस्कार करें। इससे आपके दुकान में बुरी शक्तियों का असर नहीं होगा और दुकान में बरकत आएगी। इतना हीं नहीं ऐसा करने से आपको धन लाभ भी हो सकते हैं और आपके जीवन की सभी समस्या समाप्त हो सकती हैं।
2 .दुकान में बरकत चाहिए तो आप सबसे पहले एक गिलास लें और उस गिलास में पानी और निम्बू को डाल दें और रविवार के दिन उसे उस जगह के पास रहें जहाँ आप बैठते हैं। इससे आपके दुकान से शनि का प्रभाव समाप्त हो जायेगा और दुकान में बरकत आएगी। साथ हीं साथ इससे आपके जीवन में भी सुख और शांति बनी रहेगी। इस निम्बू और पानी को हर रविवार बदलते रहें।
3 .शास्त्रों के अनुसार अगर आप अपने दुकान में प्रतिदिन पूजा करते हैं और भगवान की मूर्ति उस जगह पर रखते हैं जहाँ से कोई भी आता जाता ग्राहक देख सके तो ये अशुभ माना जाता हैं। इसलिए आप दुकान में भगवान को उस जगह पर रखें जहाँ से कोई देख ना सके या फिर भगवान के पास पर्दा लगा दे। इससे आपके दुकान पर नकारात्मक शक्तियों का असर नहीं होगा और दुकान में बरकत बनी रहेगी।
4 .वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान में बरकत के लिए प्रतिदिन भगवान पर चढ़ाए गए पुष्प को बदलते रहें। इससे आपके दुकान में दैविक शक्तियों का असर होगा तथा इससे आर्थिक धन लाभ भी प्राप्त होंगे। इतना हीं नहीं भगवान पर चढ़ाए गए पुष्प अगर सुख जाता हैं तो उसे नदी में प्रवाहित कर दे उसे इधर उधर ना फेंके इससे दुकान की बरकत चली जाती हैं।

जानिए गहरी नींद का जवानी से क्या संबंध है

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो इस दुनिया में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हे जवानी में गहरी नींद आती हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो नींद ना आने की समस्या से ग्रसित हैं। इनकी सब बातों को जानने के लिए अमेरिका में यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया के डॉक्टरों ने एक रिसर्च किया और ये जानने की कोशिश की की जवानी का गहरी नींद से क्या संबंध हैं। साथ हीं साथ डॉक्टरों ने ये भी जानने की कोशिश किया की इससे दिमाग पर क्या प्रभाव पड़ता हैं। आज इसी संदर्भ में इस रिसर्च के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की गहरी नींद का जवानी से क्या संबंध है।
रिसर्च, यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया के एक रिसर्च के अनुसार जवानी के दिनों में महिला और पुरुष शारीरिक और मानसिक रूप से सबसे ज्यादा स्वास्थ्य रहते हैं। जिसके कारण जवानी की दिनों में इन्हे सबसे गहरी नींद आती हैं। इस शोध को करने वाले डॉक्टर गहरी नींद का जवानी से संबंध बताते हुए कहते हैं की अगर जवानी की दिनों में गहरी नींद नहीं आती हैं तो महिला और पुरुष किसी ना किसी मानसिक या शारीरिक बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं और इनमें अल्जाइमर जैसे बीमारी भी हो सकती हैं।
इस शोध को करने वाले डॉक्टरों का कहना हैं की जवानी के दिनों में गहरी नींद लेने वाले लोगों का सेरिब्रम सबसे मजबूत होता हैं और इनके यादाश्त भी अच्छे होते हैं। लेकिन जैसे जैसे जवानी ढ़लती जाती हैं इनके दिमाग में धीमी तरंगें पैदा होती हैं और इन्हे नींद ना आने की समस्या उत्पन होने लगती हैं और साथ हीं साथ शरीर में नींद संबंधित बीमारियां भी जन्म लेने लगती हैं।
इस शोध के बारे में बताते हुए यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया के प्रोफ़ेसर यूसी बर्कले का कहना हैं की जवानी का गहरी नींद से बहुत गहरा ताल्लुक हैं। जिसे दुनिया के हर इंसान को जानना चाहिए। क्यों की जवानी में गहरी नींद एक स्वस्थ्य और सेहतमंद इंसान की पहचान होती हैं और अगर गहरी नींद नहीं आता हैं तो इसका अर्थ हैं की आपका शरीर किसी ना किसी बीमारी से ग्रसित हैं या आपके शरीर में किसी पोषक तत्वों की कमी हैं। इसलिए अगर किसी महिला और पुरुष को जवानी के दिनों में गहरी नींद नहीं आती हैं तो उसे डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए ताकि उसे भविष्य में किसी बड़ी समस्या का सामना करना ना पड़ें।

विवाह में हो रही है देरी तो करे ये कारगर उपाय

ज्योतिष शास्त्र: शास्त्रों की बात करें तो कभी कभी नवग्रहों की चाल जब उल्टी दिशा में परिवर्तित होती हैं तो कुछ राशियों की कुंडली में ग्रह दोष उत्पन हो जाते हैं। इस ग्रह दोष के कारण इंसान के जीवन में कोई भी शुभ कार्य नहीं हो पाता हैं। जिससे दिमाग में तनाव और चिंता बनी रहती हैं। आज इसी संदर्भ में शास्त्रों के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उस कारगर उपाय के बारे में जिस उपाय से विवाह में हो रही देरी की समस्या जल्द समाप्त हो जाएगी और जीवन में विवाह में अच्छे संयोग बनेंगे। तो आइये जानते हैं विस्तार से की विवाह में हो रही है देरी तो करे ये कारगर उपाय।
1 .शास्त्रों के अनुसार जब इंसान की कुंडली में मंगल और शनि एक साथ चक्र लगाने लगता हैं और कुंडली में दोष पैदा होती हैं। जिसकी वजह से विवाह में देरी होने लगता हैं। इस समस्या को समाप्त करने के लिए अविवाहित लड़का या लड़की लाल कपड़ा पहन कर हनुमान जी की आराधना करें और साथ हीं साथ हनुमान मंत्र का भी जाप करें। इससे कुंडली में उत्पन मंगल और शनि का अशुभ प्रभाव समाप्त हो जायेगा और विवाह के योग बनने प्रारंभ हो जायेंगे।
2 .किसी भी इंसान की कुंडली में सूर्य, चंद्र और शुक्र तीनों मजबूती के साथ निवास करता हैं तभी जीवन में विवाह के योग बनते हैं। इसलिए अगर किसी लड़का या लड़की के विवाह में देरी हो रही हैं तो कुंडली में सूर्य, चंद्र और शुक्र के प्रभाव को मजबूत करने के लिए गुरूवार के दिन श्री हरी विष्णु की आराधना करें तथा उनपर पुष्प अर्पित करें। इससे आपके कुंडली में ग्रहों का चक्र अच्छा हो जाएगी और विवाह में हो रही देरी की सभी समस्या समाप्त हो जाएगी।
.शास्त्रों की बात करें तो अगर कोई अविवाहित लड़की पानी में सिंदूर दाल कर भगवान सूर्य देव को अर्पित करती हैं तो इससे उसके जीवन में विवाह के योग बनते हैं। साथ हीं साथ ऐसा करने से उसे मनचाहा जीवन साथी मिलता हैं और सूर्य देव की कृपा से वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ साथ पैसों की भी कोई कमी नहीं होती हैं। इसलिए अगर किसी लड़की की शादी में देरी हो रही हैं तो उसे प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करनी चाहिए।
4 .शास्त्रों के अनुसार अगर किसी अविवाहित लड़का की शादी में देरी हो रहा हैं और उसके लिए अच्छे रिश्ते नहीं आ रहे हैं तो लड़का की कुंडली में शुक्र का उल्टा प्रभाव को सकता हैं। क्यों की शुक्र को प्यार और विवाह का ग्रह माना हैं और अगर इसका जीवन पर उल्टा प्रभाव होता हैं जो इससे विवाह के योग नहीं बनते हैं। इसलिए इस ग्रह को शांत करने के लिए और जीवन पर शुभ प्रभाव के लिए लड़के को सिर पर चंदन का लेप लगाना चाहिए। इससे लड़के की कुंडली में शुक्र का प्रभाव उत्तम हो जाता हैं और जीवन में विवाह के भी शुभ संयोग बनते हैं।

गर्भपात के बाद गर्भधारण कब करना चाहिए

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें शादी हो जाने के बाद हर महिला माँ बनना चाहती हैं। लेकिन कभी कभी गर्भवती होने के बाद भी कुछ महिलाओं के शरीर में ऐसे समस्या उत्पन हो जाती हैं जिससे महिलाओं को गर्भपात हो जाता हैं और महिलाएं माँ नहीं बन पाती हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की गर्भपात होने के बाद महिलाओं को कब गर्भधारण करनी चाहिए। जिससे की उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव ना पड़े और उनका होने वाला बच्चा भी स्वास्थ्य और सेहतमंद रह सके। तो आइये जानते हैं विस्तार से की गर्भपात के बाद गर्भधारण कब करना चाहिए।
गर्भधारण, मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार महिलाओं को गर्भपात होने के बाद कम से कम तीन महीने बाद हीं गर्भधारण करनी चाहिए। क्यों की गर्भपात के समय महिलाओं के शरीर में फोलिक एसिड की कमी हो जाती हैं और महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ रहती हैं। जिसके कारण गर्भपात के तुरंत बाद गर्भवती होने से महिलाओं को पुनः गर्भपात हो सकता हैं। इसलिए महिलाएं इस बात का ध्यान रखें। साथ हीं साथ गर्भपात के बाद गर्भधारण करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
सीएनएन के एक रिपोट के अनुसार इस दुनिया में 80 फीसदी महिलाओं में गर्भपात की समस्या थायराइड, इंसुलिन और फोलिक एसिड की कमी के कारण होता हैं। इसलिए महिलाओं को गर्भधारण करने से पहले इसकी जांच करानी चाहिए ताकि उसे भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना ना पड़े और वो एक स्वस्थ्य और सेहतमंद बच्चे का जन्म दे सके।
डॉक्टरों का कहना की गर्भपात के बाद महिलाओं के शरीर में कई सारे ऐसे हार्मोनिक परिवर्तन होते हैं जो महिलाओं को शारीरिक तौर पर कमजोर बना देता हैं। इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और पुनः गर्भधारण करने से पहले समय समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहना चाहिए ताकि उसे किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और वो माँ बन सकते।

ये राशियां मिलती है तो बनते हैं परफेक्ट कपल

ज्योतिष शास्त्र: शास्त्रों की बात करें तो राशिफल में शामिल कुछ राशियों एक दूसरे से इतनी मिलती जुलती हैं की ग्रहों का प्रभाव भी एक जैसी होती हैं। इन राशियों के लोग जब एक दूसरे से प्रेम करते हैं या शादी करते हैं तो ये अपने जीवन में एक परफेक्ट कपल बनते हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिन राशियों के मिलने से एक परफेक्ट कपल बनता हैं और इस कपल के बीच प्रेम संबंध सबसे मजबूत और ताकतवर होते हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की ये राशियां मिलती है तो बनते हैं परफेक्ट कपल।
कर्क और कुंभ राशि, शास्त्रों के अनुसार कर्क और कुंभ राशि की कुंडली लगभग एक जैसी होती हैं तथा ग्रहों के प्रभाव भी एक जैसे हीं होते हैं। साथ हीं साथ चन्द्रमा दोनों राशि की कुंडली में मजबूती के साथ निवास करता हैं। जिसके कारण इन राशियों की जोड़ी दुनिया में सबसे शानदार मानी जाती हैं और ये कपल एक परफेक्ट कपल होते हैं। इतना हीं नहीं इनके बीच अच्छी तालमेल और अच्छी समझ होती हैं। जिससे इनके वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता हैं और घरों में भी सुख और समृद्धि रहती हैं। इनका प्रेम संबंध सच्चा और पवित्र होता हैं।
मेष और वृष राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष और वृष राशि के लोग भी अपने जीवन में परफेक्ट कपल बनते हैं। क्यों की इनकी कुंडली में मंगल और सूर्य का प्रभाव एक जैसा होता हैं। जिसके कारण ये कपल उच्च व्यक्तित्व के धनी होते हैं तथा सारी जिंदगी एक दूसरे को इज़्ज़त और सम्मान देते हैं। साथ हीं साथ इनकी कुंडली में शुभ योग का निर्माण एक जैसा होता हैं जिससे इनके जीवन में प्यार की कमी नहीं होती हैं और ये कपल सारी जिंदगी एक दूसरे के साथ रहते हैं और किसी भी हालत में एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते हैं।
तुला और वृश्चिक राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला और वृश्चिक राशि की जोड़ियाँ भी शानदार होती हैं। क्यों की इनकी कुंडली में बनने वाले शुभ संयोग एक दूसरे से काफी मिलते जुलते हैं। जिसके कारण इनके जीवन में कभी कोई परेशानी नहीं आती हैं और ये कपल एक परफेक्ट कपल बनते हैं। साथ हीं साथ इनका वैवाहिक जीवन भी अच्छा होता हैं और ये लोग ख़ुशी ख़ुशी अपनी जिंदगी जीते हैं और एक दूसरे की भावनाओं का सदैव सम्मान करते हैं।

क्या शारीरिक संबंध में दिलचस्पी न होना एक बीमारी है

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो इस दुनिया में सभी इंसान के लिए शारीरिक संबंध बनाना ज़रूरी होता हैं। क्यों शारीरिक संबंध के द्वारा हीं इंसान अपने आने वाले जनरेशन की कल्पना कर सकता हैं। लेकिन इस दुनिया में बहुत से ऐसे महिला या पुरुष हैं जिनमें शारीरिक संबंध बनाने की दिलचस्पी नहीं होती हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की शारीरिक संबंध में दिलचस्पी न होना क्या एक बीमारी हैं। साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की इससे शरीर पर क्या प्रभाव होता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की क्या शारीरिक संबंध में दिलचस्पी न होना एक बीमारी है।
एसेक्शुअलिटी, मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार शारीरिक संबंध में दिलचस्पी ना होना कोई बीमारी नहीं होता हैं बल्कि ऐसे लोग एसेक्शुअलिटी डिसऑर्डर के शिकार होते हैं। इनमें संबंध बनाने की प्रवृत्ति जागृत नहीं होती हैं तथा इनमें शारीरिक आकर्षण महसूस नहीं होता हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण इनके शरीर में उत्पन होने वाला हार्मोन्स होता हैं।
अमेरिकन हेल्थ एसोसिएशन के डॉक्टर जॉर्ज नेल का कहना हैं की वैसी महिलाएं जिनके शरीर में एस्ट्रोजन की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं वो महिलाएं एसेक्शुअलिटी डिसऑर्डर का शिकार हो जाती हैं तथा इनके शरीर में शारीरिक संबंध बनाने की चाहत उत्पन नहीं होती हैं। लेकिन एसेक्शुअलिटी डिसऑर्डर को बीमारी इसलिए नहीं माना जाता हैं। क्यों की इस डिसऑर्डर से ग्रसित महिलाओं का स्वास्थ्य अच्छा होता हैं तथा ये महिलाएं शारीरिक तौर पर भी स्वास्थ्य होती हैं।
बीबीसी के एक रिपोट के अनुसार ये एसेक्शुअलिटी डिसऑर्डर की समस्या महिलाओं के साथ साथ पुरुषों में भी होती हैं। लेकिन महिलाएं इस समस्या से ज्यादा ग्रसित होती हैं। बीबीसी से बातचीत करने हुए डॉक्टर कोठारी का कहना हैं की इन महिलाओं को अगर मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाएँ और उन्हें हार्मोनिक ट्रीटमेंट दिया जाये तो इस एसेक्शुअलिटी डिसऑर्डर को ठीक किया जा सकता हैं और ये महिलाएं माँ भी बन सकती हैं। क्यों की इन महिलाओं में माँ बनने प्रवृत्ति होती हैं बस इन्हे शारीरिक संबंध बनाने में दिलचस्पी नहीं होता हैं।

साल 2019: इन राशियों के प्रेम जीवन में आएगा बड़ा बदलाव

ज्योतिष शास्त्र: शास्त्रों की बात करें तो साल 2019 कुछ राशियों के प्रेम जीवन के लिए मिला जुला रहने वाला हैं तथा कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ले कर आ सकता हैं। जिससे उस राशि के लोगों का प्रेम जीवन अच्छा हो जायेगा। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिन राशियों के प्रेम जीवन में साल 2019 बड़ा बदलाव ले कर आ सकता हैं तथा इनके प्रेम जीवन की सभी समस्या समाप्त हो सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इन राशियों के प्रेम जीवन में आएगा बड़ा बदलाव।
मेष, सिंह और धनु राशि, अग्नि तत्व से बनी मेष, सिंह और धनु राशि के प्रेम जीवन के लिए साल 2019 अच्छा रहने वाला हैं। लेकिन साल के शुरुआती दौर में शनि इनकी कुंडली में गोचर कर रहा हैं। जिसके कारण पार्टनर के साथ थोड़ी बहुत अनबन हो सकती हैं। लेकिन फिर इन राशियों के प्रेम जीवन में कोई बड़ा बदलाव हो सकता हैं और ये लोग एक हैप्पी और रोमांटिक जीवन जी सकते हैं। इनके प्रेम जीवन पर सूर्य देव की कृपा होगी जो इन्हे सदैव ऊर्जावान रखेगी।
वृष, कन्या और मकर राशि, पृथ्वी तत्व से बनी वृष, कन्या और मकर राशि राशियों के प्रेम जीवन के लिए साल 2019 बड़ा बदलाव ले कर सकता हैं और इस राशि के अविवाहित लोगों को वैवाहिक सुख दे सकता हैं। साल 2019 में इनकी कुंडली में दो दो शुभ योग का निर्माण होगा जिससे ये लोग अपने प्रेम जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और सूर्य देव की कृपा से प्रेम विवाह करने में भी कामयाब हो सकते हैं। साथ हीं साथ इन्हे कैरियर में भी कामयाबी मिल सकती हैं।
मिथुन, तुला और कुंभ राशि, वायु तत्व से बनने के कारण साल के शुरुआती दौर में मिथुन, तुला और कुंभ राशि के प्रेम जीवन में बड़ा बदलाव हो सकता हैं और इन्हे अपने पार्टनर से प्रेम फल भी प्राप्त हो सकते हैं। लेकिन साल 2019 के अंत समय में इनकी कुंडली में मंगल गोचर करेगा जिससे इनके प्रेम जीवन में परेशानी आ सकती हैं और पार्टनर से मतभेद हो सकता हैं। इससे बचने के लिए मिथुन, तुला और कुंभ राशि के लोग सूर्य देव की आराधना करें और पार्टनर के साथ अच्छे रिश्ते बनाये रखें।
कर्क, वृश्चिक और मीन राशि, जल तत्व से बनी कर्क, वृश्चिक और मीन राशियों के लिए साल 2019 सबसे शानदार रहने वाला हैं और इन राशियों पर भगवान श्री हरी विष्णु की कृपा हो सकती हैं और उनकी कृपा से इन राशियों के प्रेम जीवन में बड़ा बदलाव हो सकता हैं। साथ हीं साथ इन राशियों के अविवाहित लोगों को किसी का प्रेम प्रस्ताव मिल सकता हैं तो कुछ लोग प्रेम विवाह करने में भी कामयाब हो सकते हैं। कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लोग भगवान विष्णु की आराधना करें।

इस बीमारी से ग्रसित महिला माँ बनने की क्षमता खो देती है

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो शादी हो जाने के बाद सभी महिलाएं अपने जीवन में माँ बनने का सपना देखती हैं। लेकिन उसके शरीर में कुछ ऐसी बीमारियां जन्म ले लेती हैं। जिससे महिला माँ बनने की क्षमता खो देती हैं और वो माँ नहीं बन पाती हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उस बीमारी के बारे में जिस बीमारी की वजह से महिलाएं गर्भवती नहीं हो पाती हैं और उनमे माँ बनने की क्षमता भी कम हो जाती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इस बीमारी से ग्रसित महिला माँ बनने की क्षमता खो देती है।
एंडोमेट्रियोसिस, वैसी महिलाएं जो एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी से ग्रसित होती हैं वो महिलाएं माँ बनने की क्षमता खो देती हैं। मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार एंडोमेट्रियोसिस की समस्या से ग्रसित होने के बाद महिलाओं के ओवरीज में संक्रमण हो जाता हैं। जिसके कारण ओवरीज में धीरे धीरे गाठ बन जाते हैं और संबंध के दौरान पुरुषों के शुक्राणु महिलाओं के गर्भाशय तक जा नहीं पाते हैं। जिसके कारण महिलाओं के गर्भाशय में मौजूद अंडे का फ्रीजिंग नहीं होता हैं और वो महिला गर्भवती नहीं हो पाती हैं। इसलिए एंडोमेट्रियोसिस की बीमारी महिलाओं के लिए खतरनाक माना जाता हैं।
एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण, एमोरी यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डाल्टन ब्रेक्लीन का कहना हैं की एंडोमेट्रियोसिस की समस्या ज्यादा तर 24 से 40 साल की महिलाओं में होता हैं। इस समस्या की वजह से महिलाओं के पेल्विक में सूजन आ जाती हैं और उनके शरीर में थकान महसूस होती हैं। इतना हीं नहीं एंडोमेट्रियोसिस की समस्या से ग्रसित होने के बाद महिलाओं को पीरियड्स के समय अत्यधिक जलन और दर्द का सामना करना पड़ता हैं। साथ हीं साथ पीरियड्स ख़त्म होने के बाद भी महिलाओं को रक्त स्राव होते हैं और पेट और सिर में दर्द की समस्या बनी रहती हैं। ये सारे लक्षण एंडोमेट्रियोसिस बीमारी से ग्रसित महिला में होती हैं।
एंडोमेट्रियोसिस के उपचार, प्रोफ़ेसर डाल्टन ब्रेक्लीन के अनुसार अगर किसी महिला में ये लक्षण दिखते हैं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। क्यों की शुरुआती दौर में इस बीमारी को बड़े आसानी से ठीक किया जा सकता हैं। लेकिन जब इस बीमारी का रूप बढ़ जाता हैं और डॉक्टर इसे सर्जरी के द्वारा इसका इलाज करते हैं। लेकिन सर्जरी के दौरान महिलाओं के गर्भाशय में संक्रमण होने का डर होता हैं। इसलिए अगर कोई महिला माँ बनना चाहती हैं तो समय समय पर अपने शरीर का चेकअप कराएं और अगर शरीर या उनके पीरियड्स में कोई समस्या दिखे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें।

दिसंबर माह: इन राशियों को मिलेगा वैवाहिक प्रस्ताव

ज्योतिष शास्त्र: शास्त्रों की बात करें तो बृहस्पति का उदय होने से कुछ राशियों के जीवन में शुभ कार्य करने का समय प्रारंभ हो गया हैं। जिसके कारण कुछ राशियों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता हैं तथा उसके लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिन राशियों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता हैं तथा परिवार और समाज के लोगों के साथ मिल कर बहुत जल्द इनकी शादी हो सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इन राशियों को मिलेगा वैवाहिक प्रस्ताव।
वृश्चिक राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति के उदय होने से वृश्चिक राशि के लोगों की कुंडली में सूर्य का निवास हो रहा हैं। जिसके कारण इस राशि के लोगों को किसी का वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता हैं और एक अच्छे घरों में इनकी शादी पक्की हो सकती हैं। इतना हीं नहीं सूर्य के प्रभाव से इनकी शादी बहुत जल्द संपन हो सकती हैं और इन्हे वैवाहिक सुख भी प्राप्त हो सकता हैं। वृश्चिक राशि के लोग जब रिश्ता देखने जाएँ तो लाल या गुलाबी रंग का कपड़ा पहने इनके लिए शुभ साबित होगा और इन्हे मनचाहा जीवनसाथी मिलेगा।

तुला राशि, बृहस्पति का उदय होने से दिसंबर माह में चन्द्रमा तुला राशि में निवास कर रहा हैं। जिसके कारण तुला राशि के लिए यह दिसंबर माह लकी रहने वाला हैं और इस माह में इन्हे वैवाहिक सुख प्राप्त हो सकता हैं। चन्द्रमा के प्रभाव के कारण तुला राशि के लोगों के लिए रिश्ते आ सकते हैं और इन्हे वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता हैं। इतना हीं नहीं इस योग के कारण इनकी शादी बहुत जल्द हो सकती हैं और चंद्र देव की कृपा से इन्हे एक खुशहाल वैवाहिक जीवन मिल सकता हैं।

मकर राशि, दिसंबर माह में बृहस्पति के उदय होने से मकर राशि के लोगों की कुंडली में चार शुभ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिसके कारण इस राशि के लोगों को किसी का वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता हैं और ये लोग बहुत जल्द वैवाहिक बंधन में बंध सकते हैं। इतना हीं नहीं इस शुभ योग के कारण इन्हे मनचाहा जीवन साथी मिल सकता हैं तथा इनके वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रह सकती हैं। मकर राशि के लोग प्रेम विवाह करने के लिए सूर्य देव की आराधना करें।

50 प्रतिशत भारतीय कुंवारों को है प्यार की तलाश

नई दिल्ली: डेली मेल में प्रकाशित एक खबर के अनुसार बाजार सर्वेक्षण कंपनी इपसोस ने पूरी दुनिया में एक सर्वे किया ताकि लोगों के अंदर छुपी भावनाओं के बारे में सही जानकारी प्राप्त हो सके। इस सर्वे से जो बात निकल कर सामने आयी वो बहुत हीं हैरान करने वाली हैं। आज इसी सर्वे के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की कितने प्रतिशत भारतीय कुंवारों को अपने जीवन में प्यार की तलाश हैं और साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की ऐसा क्यों हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की 50 प्रतिशत भारतीय कुंवारों को है प्यार की तलाश।
सर्वे, बाजार सर्वेक्षण कंपनी इपसोस के पूरी दुनिया में प्यार को जानने के लिए एक सर्वे किया जिसमे 16 से 55 साल के उम्र के 31245 लोगों ने भाग लिया। जिसमे 12325 लोग भारत के हैं। इस सर्वे के अनुसार 50 प्रतिशत भारतीय कुंवारों ने कहा की वो अभी तक सिंगल हैं और उन्हें अपने जीवन में प्यार की तलाश हैं। इतना हीं नहीं इस सर्वे में शामिल होने वाले 41 प्रतिशत शादीशुदा लोगों ने भी माना की शादी होने के बाद भी उन्हें अपने जीवन में सच्चे प्रेम की तलाश हैं और वो अपने शादीशुदा जीवन से खुश नहीं हैं।
भारत के साथ साथ और देशों के लोगों का भी हाल कुछ ऐसा हीं हैं। इपसोस के सर्वे के अनुसार तुर्की में 80 फीसदी कुंवारों को प्यार की तलाश हैं तो वही मेक्सिको में 79 प्रतिशत लोगों को प्यार की तलाश हैं। इतना हीं नहीं इस पुरे सर्वे में शामिल 61 प्रतिशत लोगों का ये भी मानना हैं की पार्टनर के साथ इनके संबंध अच्छे नहीं हैं। जिसके कारण इन्हे जीवन प्यार की तलाश हैं।
बाजार सर्वेक्षण कंपनी इपसोस ने इस सर्वे को 23 अलग अलग देशों में किया। जिसमे 16 से 55 साल के उम्र के 31245 लोग भाग लिए। यह सर्वे इन लोगों के साक्षात्कार पर आधारित हैं जो इस सर्वे के भाग लिए थे। इपसोस के मैनेजर ने बताया की इस सर्वे में शामिल सभी लोगों से सवाल जवाब किये गए थे हैं। जिससे ये साबित हो पाया की भारत में 50 फीसदी कुंवारों को प्यार की तलाश हैं और वो प्यार के बिना खुद को अकेला और अधूरा मानते हैं।

इस बीमारी से ग्रसित पुरुष बच्चा पैदा करने की क्षमता खो देते हैं

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा जारी किये गए एक आंकड़े से उस बीमारी के बारे में पता चलता हैं जिस बीमारी के कारण पुरुष पिता नहीं बन पाते हैं और उनके शरीर में धीरे धीरे पिता बनने की क्षमता समाप्त हो जाती हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उस बीमारी के बारे में जिस बीमारी के कारण पुरुष पिता नहीं बन पाते हैं और उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इस बीमारी से ग्रसित पुरुष बच्चा पैदा करने की क्षमता खो देते हैं।
हेपेटाइटिस बी, मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार हेपेटाइटिस बी नामक बीमारी से ग्रसित पुरुष बच्चा पैदा करने की क्षमता खो देते हैं। क्यों की हेपेटाइटिस बी से ग्रसित होने के बाद पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का स्तर कम जाता हैं। जिसके कारण पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं की संख्या भी धीरे धीरे कम होने लगती हैं। जिसका असर पुरुषों के प्रजनन क्षमता पर पड़ता हैं। इतना हीं नहीं हेपेटाइटिस बी से ग्रसित होने के बाद पुरुषों के शरीर में रक्त का संचार ठीक से नहीं होता हैं। जिससे पुरुष शारीरिक और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ हो जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक रिपोट से पता चलता हैं की हेपेटाइटिस बी का वाइरस पुरुषों के शरीर में बांझपन की समस्या को 1.59 गुना बढ़ा देता हैं। जिससे पुरुष बच्चे पैदा करने की क्षमता धीरे धीरे खो देते हैं। इसलिए पुरुषों को इस बीमारी को ले कर हमेशा सचेत रहना चाहिए। और समय समय पर अपने ब्लड का टेस्ट कराते रहना चाहिए। इससे हेपेटाइटिस बी के बारे में पता चल जाता हैं।
गाइनीकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के महासचिव डॉक्टर ऋषिकेश कहते हैं की हेपेटाइटिस बी का वायरस पुरुषों के शुक्राणु पर नकारात्मक असर डालता हैं। जिससे इसकी गतिशीलता समाप्त हो जाती हैं और पुरुष प्रजनन करने में असमर्थ हो जाता हैं। इसलिए हर जोड़ों को समय समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहना चाहिए ताकि शरीर में किसी भी प्रकार की बीमारी का जन्म ना हो और पुरुषों को पिता बनने में कोई परेशानी ना आएं।

पीरियड्स नॉर्मल नहीं है तो सकती हैं ये बीमारी

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो आज के भाग दौड़ की इस लाइफ स्टाइल में बहुत हीं महिलाएं ऐसी हैं जिनका पीरियड्स नॉर्मल नहीं हैं और समय पर नहीं होता हैं। जिसके कारण महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं और महिलाओं का स्वास्थ्य भी अच्छा नहीं रहता हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पूरी दुनिया में 85 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जिनका पीरियड्स नॉर्मल नहीं हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे उस बीमारी के बारे में जो पीरियड्स नॉर्मल ना होने के कारण महिलाओं को हो सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की पीरियड्स नॉर्मल नहीं है तो सकती हैं ये बीमारी।
पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम, मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार पीरियड्स नॉर्मल नहीं होने के कारण महिलाओं को पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम नामक बीमारी हो सकती हैं। इसलिए अगर किसी महिला का पीरियड्स नॉर्मल नहीं हैं तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर की सलाह लें। क्यों की पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम के कारण महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता हैं। जिससे महिलाओं के दिमाग में तनाव और डिप्रेशन की समस्या जन्म लेने लगती हैं तथा उनके ओवरीज में भी संकुचन होने लगता हैं। जिससे महिलाओं को गर्भाधान करने में भी काफी समस्या का सामना करना पड़ता हैं। इतना हीं नहीं इस पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम बीमारी के कारण महिलाओं के बाल झड़ने लगता हैं और अचानक से मोटापा भी बढ़ाने लगता हैं जो महिलाओं शरीर खतरनाक होता हैं।
पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम का लक्षण, डॉक्टरों के मुताबिक पीरियड्स के समय अनियमित रक्त स्राव, जलन और दर्द पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम बीमारी का पहला लक्षण होता हैं। इस बीमारी में पीरियड्स समय पर नहीं होता हैं और महिलाओं के पेट में ऐठन और सिर दर्द की समस्या बनी रहती हैं। साथ हीं साथ महिलाओं के शरीर में थका थका महसूस करता हैं तथा उनके शरीर में ऊर्जा की कमी होती हैं।
पॉलिसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम का उपचार, मेडिकल साइंस के अनुसार अगर किसी महिला का पीरियड्स नॉर्मल नहीं हैं तो सबसे पहले उसे डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और डॉक्टर के द्वारा बताए गए डाइट चार्ट को फॉलो करनी चाहिए। साथ हीं महिलाओं को जंक फूड नहीं खानी चाहिए तथा उन्हें ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिसमे फाइबर, आयरन के साथ साथ कैल्शियम की मात्रा मौजूद हो। इतना हीं नहीं शरीर में हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करनी चाहिए। इससे ये समस्या ठीक हो जाएगी और महिलाओं का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

यूरिन में बनता हैं झाग तो हो सकती है ये बीमारी

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो इंसान के शरीर से निकलने वाला यूरिन शरीर के अंदर छुपी हुयी बीमारियों के बारे सही जानकारी देता हैं। आप अपने यूरिन के रंग और झाग से ये पता लगा सकते हैं की आपके शरीर के अंदर कौन सा बीमारी जन्म ले रहा हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की अगर किसी इंसान को यूरिन के दौरान झाग बनता हैं तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए। क्यों की यूरिन में झाग बनना बीमारियों का संकेत होता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की यूरिन में बनता हैं झाग तो हो सकती है ये बीमारी।
1 .मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार इंसान के यूरिन में जब प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती हैं तो यूरिन में झाग बनने लगता हैं जो इंसान के लिए खतरनाक माना जाता हैं। क्यों की जब शरीर के अंदर इंसान का किडनी प्रोटीन को फिल्टर नहीं कर पाता हैं तो वो प्रोटीन शरीर से बाहर आ जाता हैं। इस समस्या को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें। क्यों की इस समस्या के कारण किडनी संबंधित बीमारियां हो सकती हैं और सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता हैं।
2 .अगर किसी महिला के यूरिन में झाग बनता हैं तो ये प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं। क्यों की प्रेग्नेंसी के दौरान किडनी को आवश्यकता से अधिक काम करना पड़ता हैं। जिसके कारण वो सही तरीकों से प्रोटीन को फिल्टर नहीं कर पाता हैं यह प्रोटीन लिक आउट हो जाता हैं जिससे यूरिन में झाग बनने लगते हैं। महिलाओं को इसमें चिंता की कोई बात नहीं होती हैं। लेकिन किडनी पर पड़ने वाला ये ज़ोर कभी कभी खतरनाक भी साबित होता हैं। इसलिए महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
3 .मेडिकल साइंस के अनुसार अगर यूरिन में झाग बनता हैं तो आप तनाव और डिप्रेशन संबंधित बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। क्यों की हमारे शरीर में एल्ब्यूमिक नामक प्रोटीन होता हैं जो दिमाग में तनाव के कारण शरीर से बाहर आ जाता हैं और यही यूरिन के दौरान झाग बनता हैं। यह बीमारी नॉर्मल नहीं होती हैं। इसे नॉर्मल समझ कर नजरअंदाज ना करें। क्यों की इस बीमारी के कारण धीरे धीरे इंसान की मानसिक स्थिति ख़राब हो जाती हैं और सोचने समझने की शक्ति भी प्रभावित होती हैं।

संबंध के दौरान इन पुरुषों को हो सकता है हार्ट अटैक

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो संबंध बनाना हर इंसान के जीवन की ज़रूरत होती हैं। लेकिन इसके बारे तो सही जानकारी होना भी ज़रूरी हैं क्यों की बिना जानकारी के कभी कभी कुछ ऐसी समस्या हो जाती हैं जो इंसान के लिए परेशानियों का कारण बन जाता हैं। अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ कॉर्डियोलॉजी में प्रकाशित एक खबर के अनुसार भारतीय मूल के कुछ वैज्ञानिकों ने एक शोध के द्वारा एक ऐसी बीमारियों के बारे में पता लगाया हैं। जिसकी बजह से संबंध के दौरान पुरुषों को हार्ट अटैक हो सकता हैं। आज इसी संदर्भ में इस शोध के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की संबंध के दौरान इन पुरुषों को हो सकता है हार्ट अटैक। तो आइये जानते हैं विस्तार से।
शोध, भारतीय मूल के वैज्ञानिकों ने एक शोध के द्वारा बताया की वैसे पुरुष जो कार्डियोवस्कुलर नामक बीमारी से ग्रसित होते हैं उन पुरुषों को संबंध के दौरान हार्ट अटैक हो सकता हैं। वैज्ञानिकों ने बताया की संबंध के दौरान जब पुरुषों का धड़कन अचानक से बढ़ता हैं तो कार्डिएक की घटनाएं काफी दुर्लभ हो जाती हैं और पुरुषों की दिल अचानक से काम करना बंध कर देता हैं। जो पुरुषों के लिए सबसे खतरनाक होता हैं। इससे पुरुषों की मौत भी सो सकती हैं।
सिनाई हार्ट इंस्टीट्यूट के निर्देशक सुमित चुघ इस शोध के बारे में अपनी राय देते हुए कहते हैं की इस दुनिया में अभी तक एक तिहाई मामलों ऐसे आए हैं जिन्हे संबंध के दौरान हार्ट अटैक जैसी घटनाएं हुयी हैं। इसलिए लोगों को इसके बारे में जानकारी होना बहुत ज़रूरी हैं। क्यों की आने वाले समय में इनकी संख्या धीरे धीरे और बढ़ सकती हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा की पुरुषों को समय समय पर अपने हार्ट का चेकअप कराते रहना चाहिए। इससे कार्डियोवस्कुलर नामक बीमारी का पता चल सकता हैं। अगर शुरूआती समय में इस बीमारी का पता चल जाता हैं तो डॉक्टर सीपीआर यानि पल्मोनरी रेस्टॉरेशन दे कर इस बीमारी से लोगों का जान बचा सकते हैं। इसलिए संबंध बनाने से पहले इन बातों को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें। शोधकर्ताओं के अनुसार इस बीमारी के कारण पुरुषों को संबंध के दौरान या संबंध के बाद हार्ट अटैक हो सकता हैं।

इन खूबियों वाले पुरुष होते हैं बेस्ट पार्टनर

नई दिल्ली: इस दुनिया में जितने भी पुरुष हैं उन सभी पुरुषों में अलग अलग प्रकार की ख़ूबियाँ पायी जाती हैं। कुछ पुरुष स्वभाव से शांत और दयालु होते हैं तो किसी का स्वभाव गुस्सा और क्रोधी होता हैं। आज इसी संदर्भ में मनोविज्ञान के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन पुरुषों के बारे में जो पुरुष अपने जीवन में एक बेस्ट पार्टनर बनते हैं तथा अपने जीवनसाथी को दुनिया की हर ख़ुशी देते हैं। इनका स्वभाव भी बहुत अच्छा और सुशील होता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इन खूबियों वाले पुरुष होते हैं बेस्ट पार्टनर।
1 .मनोविज्ञान के अनुसार जिन पुरुषों में सही गलत की पहचान होती हैं तथा जो सही को सही और गलत को गलत मानते हैं वो पुरुष एक ईमानदार इंसान होते हैं तथा अपने जीवन में एक बेस्ट पार्टनर बनते हैं। इतना हीं नहीं इन पुरुषों के वैवाहिक जीवन में अपने परिवार और जीवनसाथी के बीच अच्छा ताल मेल होता हैं और इनके घरों में सुख और शांति सदैव कायम रहती हैं। इनका वैवाहिक जीवन लोगों के लिए उपदेश की तरह होता हैं।
2 .वैसे पुरुष जो रोमांटिक प्रवृत्ति के होते हैं तथा समय समय पर अपने जीवनसाथी को कोई गिफ्ट और सरप्राइज देते रहते हैं। इन खूबियों वाले पुरुष बेस्ट पार्टनर होते हैं तथा इनके जीवन में प्यार की कोई कमी नहीं होता हैं तथा इनका रिश्ता भी सबसे मजबूत होता हैं। मनोविज्ञान की बात करें तो इन खूबियों वाले पुरुषों के वैवाहिक जीवन में कभी भी तनाव नहीं आता हैं और इनके घर परिवार के लोगों में भी सुख और समृद्धि बनी रहती हैं।
.मनोविज्ञान की बात करें तो वैसे पुरुष जिन्हे खाना बनाना पसंद होता हैं वो अपने जीवन में बेस्ट पार्टनर बनते हैं तथा कभी कभी अपने जीवनसाथी के लिए खाना बनाते हैं। जिससे जीवनसाथी के साथ इनके संबंध गहरे और मजबूत हो जाते हैं। साथ हीं साथ ये लोग एक सच्चे दोस्त की तरह अपनी जिंदगी जीते हैं और जीवन के हर सुख दुःख को मिल कर सामना करते हैं। इन खूबियों वाला पुरुष अपने जीवन में एक शांत और सुशील इंसान होते हैं।
4 .हर रिलेशनशिप में प्यार का होना बहुत ज़रूरी होता हैं। क्यों की प्यार से हीं रिलेशनशिप की शुरूआत होती हैं। मनोविज्ञान के अनुसार वैसे पुरुष जो अपने पार्टनर से प्रेम का इज़हार करते हैं और उन्हें सबसे खास होने का एहसास दिलाते हैं। इन खूबियों वाले पुरुष बेस्ट पार्टनर होते हैं तथा इनके जीवन में प्यार की कोई कमी नहीं होती हैं और जीवनसाथी के साथ इनका आकर्षण सदैव बना रहता हैं। साथ हीं साथ इनके प्रेम संबंध भी सच्चे और पवित्र होते हैं।

कम उम्र में बाल सफेद होना हो सकता है खतरनाक

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो गलत खान पान और प्रदूषण के कारण इस दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका बाल कम उम्र में हीं सफेद लेने लगता है और लोग इसे एक नार्मल समस्या समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कभी कभी ये समस्या खतरनाक भी साबित होता हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की इंसान के शरीर में ऐसा क्या होता हैं की कम उम्र में हीं इंसान के बाल सफेद हो जाते हैं और यह लोगों के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की कम उम्र में बाल सफेद होना हो सकता है खतरनाक।
1 .मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जब किसी इंसान के बाल में मेलानिन तत्व की कमी हो जाती हैं तो बाल का रंग सफ़ेद होने लगता हैं। बाल में मेलानिन की कमी होने से बाल का सेल्स कमजोर हो सकते हैं जिससे पुरुष या महिला गंजेपन का शिकार हो सकती हैं। इसलिए अगर किसी इंसान का बाल कम उम्र में सफेद होने लगते हैं तो उसे पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए तथा डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए ताकि ये समस्या जल्दी ठीक हो सके।
2 .पेट की समस्या के कारण भी इंसान के बाल कम उम्र में सफ़ेद होने लगते हैं जो इंसान के लिए खतरनाक माना जाता हैं। क्यों की पेट का तापमान बढ़ जाने से बाल तो सफेद होते ही हैं। साथ हीं साथ इंसान कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो जाता हैं। इस समस्या के कारण धीरे धीरे इंसान के पाचन तंत्र ख़राब हो जाते हैं और पेट में गैस की समस्या भी जन्म ले लेती हैं। इसलिए अगर किसी महिला या पुरुष के बाल कम उम्र में सफ़ेद होने लगते हैं तो उसे ठंडे और पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए ताकि पेट की समस्या ठीक हो सके और बाल का रंग भी सफ़ेद होने से बच सके।
3 .मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार शरीर में विटामिन डी की कमी से भी बाल सफेद होने लगते हैं जो महिला और पुरुष दोनों के लिए खतरनाक होता हैं। क्यों की विटामिन डी की कमी होने से इंसान के त्वचा लाल होने लगता हैं और त्वचा संबंधित बीमारियां शरीर में जन्म लेने लगती हैं। साथ हीं साथ चेहरा से आकर्षण भी समाप्त हो जाता हैं। इसलिए अगर किसी इंसान का बाल कम उम्र में सफेद होते हैं तो उसे विटामिन डी का सेवन करना चाहिए। विटामिन डी के लिए सूर्य की रौशनी सबसे उपयुक्त होता हैं।
4 .मेडिकल साइंस के अनुसार तनाव और डिप्रेशन के कारण भी कम उम्र में बाल सफेद होने लगते हैं जो इंसान के लिए खतरनाक होता हैं। क्यों की तनाव और डिप्रेशन के कारण इंसान की शारीरिक और मानसिक स्थिति ख़राब हो जाती हैं तथा उनके सोचने समझने की शक्ति भी प्रभावित होती हैं। इसलिए अगर किसी महिला या पुरुष के बाद कम उम्र में सफेद होते हैं तो उसे डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए तथा खुद को तनाव मुक्त रखने की कोशिश करनी चाहिए ताकि इंसान को भविष्य में किसी भी प्रकार के समस्या का सामना करना ना पड़ें।

किसी को भी नहीं बताना चाहिए लव लाइफ से जुड़ी ये 3 बातें

नई दिल्ली: आज के समय में लोग अपने लव लाइफ से जुड़ी बहुत सारी बातें अपने दोस्त या रिश्तेदार से शेयर करते हैं। जिससे लव लाइफ में कई तरह की समस्या आने लगती हैं और धीरे धीरे पार्टनर के साथ अनबन होना भी शुरू हो जाता हैं। इतना हीं नहीं कभी कभी उन बातों के कारण लोग उनका मज़ाक भी उड़ाने लगते हैं। आज इसी संदर्भ में मनोविज्ञान के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे लव लाइफ से जुड़ी उन बातों के बारे में जिन बातों को किसी से भी नहीं बताना चाहिए। तो आइये जानते हैं विस्तार से की किसी को भी नहीं बताना चाहिए लव लाइफ से जुड़ी ये 3 बातें।
पर्सनल बातें, मनोविज्ञान के अनुसार लव लाइफ से जुड़ी पर्सनल बातें किसी को भी नहीं बताना चाहिए। चाहे वो कितना हीं क़रीबी रिश्तेदार या दोस्त हीं क्यों ना हो। क्यों की पर्सनल बातें बताने से कभी ना कभी लोग आपका या आपके लव पार्टनर का मज़ाक बनाएँगे। इसलिए अपने लव लाइफ में पार्टनर के विश्वास को बनाए रखें और सुख दुःख की बातें या रोमांटिक बातें किसी के साथ शेयर ना करें। इससे आपका पार्टनर के प्रति विश्वास भी बना रहेगा और रिश्तों में कभी खटास नहीं आएगा।
लड़ाई झगड़ों की बातें, जब कोई इंसान किसी के साथ रिलेशनशिप में होता हैं तो उसके बीच प्यार के साथ साथ कभी ना कभी लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। लेकिन मनोविज्ञान की बातें करें तो इस लड़ाई झगड़ों की बातें कभी किसी से नहीं बतानी चाहिए और इसे मिल जुल कर आपसी सहमति से सुलझानी चाहिए। अगर आप इन बातों को किसी से बताते हैं तो इससे आपके रिश्तों में गहराई नहीं रहेगी और आपका संबंध धीरे धीरे ख़राब हो जायेगा।
आर्थिक समस्या की बातें, इस दुनिया में हर इंसान पैसे वाला नहीं होता हैं और इंसान के जीवन में आर्थिक समस्या आती जाती रहती हैं। इसलिए कभी भी इस बातों को लेकर चिंता ना करें और पार्टनर के इन आर्थिक समस्या से जुड़ी बातें कभी किसी को ना बताएं। मनोविज्ञान के अनुसार अगर आप आर्थिक समस्या से जुड़ी बातें किसी को बताते हैं तो इससे आपके पार्टनर को बुरा लग सकता हैं। जिससे आपके प्रेम संबंध कमजोर हो सकते हैं और पार्टनर के साथ अनबन की समस्या भी हो सकती हैं।