वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी
प्रदेश के 30,873 लेखपाल और 4,281 राजस्व निरीक्षक लंबे समय से वाहन भत्ते में वृद्धि की मांग कर रहे थे। इनका मुख्य कार्य सर्वेक्षण, भूमि संबंधित रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड अपडेट और प्रशासनिक सहयोग होता है। एक-एक कर्मचारी को कई-कई गांवों की जिम्मेदारी दी जाती है, जिसके लिए उन्हें निरंतर यात्रा करनी पड़ती है। बावजूद इसके, उन्हें जो वाहन भत्ता मिल रहा था, वह नाम मात्र का था, जिससे उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रस्ताव को मिली मंजूरी
राजस्व परिषद ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुतीकरण के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। परिषद ने बताया कि वर्तमान में दिए जा रहे भत्ते से कर्मचारी अपनी यात्रा की लागत भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री स्तर पर इस पर सहमति बनी और अब लेखपालों को ₹1,500 और राजस्व निरीक्षकों को ₹2,000 प्रतिमाह वाहन भत्ता दिए जाने का विचार किया गया है।
प्रशासनिक प्रक्रिया अंतिम चरण में
राजस्व विभाग इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाने के लिए शासनादेश जारी करने की तैयारी में है। यह आदेश जारी होते ही हजारों कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का यह कदम न सिर्फ इन कर्मचारियों को राहत देगा, बल्कि राजस्व विभाग के कार्यों में भी गति और पारदर्शिता लाने में सहायक होगा।
कर्मचारियों में उत्साह
इस निर्णय से लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। वे लंबे समय से इस भत्ते को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में अधिक दक्षता और त्वरित गति से काम करने में भी सहायता मिलेगी।

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