यूपी के अयोध्या में जमीन खरीदना हुआ महंगा, जानें रेट?

न्यूज डेस्क। अयोध्या, एक ऐसी नगरी जो अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रही, बल्कि एक उभरते पर्यटन और रियल एस्टेट हब के रूप में अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर तेजी से उभर रही है। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद, अयोध्या की महत्वता केवल आध्यात्मिक नहीं रही, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह शहर निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इस तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य के बीच, अयोध्या में जमीन खरीदना अब और महंगा हो गया है।

सर्किल रेट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

जिला प्रशासन ने करीब आठ वर्षों के अंतराल के बाद अयोध्या जिले में जमीनों के सर्किल रेट में 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। यह फैसला 8 जून 2024 से लागू हो गया है और सोमवार से इसके अनुसार जमीनों की रजिस्ट्री भी शुरू हो चुकी है। बता दें की सर्किल रेट वह न्यूनतम दर होती है जिस पर किसी जमीन या संपत्ति का क्रय-विक्रय संभव होता है। स्टांप ड्यूटी भी इसी दर पर आधारित होती है।

क्यों लिया गया यह निर्णय?

अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे के अनुसार, पिछले वर्ष अगस्त में प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव जनता के समक्ष रखा था। इसमें प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने यह मांग की थी कि प्रस्तावित दरें बाजार दरों से काफी कम हैं, और उन्हें और बढ़ाया जाना चाहिए। प्रशासन ने जमीन की उपयोगिता और स्थान के आधार पर रेट में बदलाव किए हैं।

किन क्षेत्रों में कितनी बढ़ोतरी?

तिहुरा माझा: यहां कृषि भूमि के लिए सर्किल रेट पहले 11-23 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 33-69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया है।

तिहुरा उपरहार: सर्किल रेट 32-71 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 42-95 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किया गया।

शाहनवाजपुर माझा और बरहटा माझा: पहले दरें 75-169 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर थीं, जो अब बढ़कर 98-221 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई हैं।

गंजा गांव (जहां अयोध्या एयरपोर्ट स्थित है): सर्किल रेट 28-64 लाख रुपये से बढ़कर 35-80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गया है।

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