विधायकों की सैलरी और भत्ते
वर्ष 2016 में यूपी सरकार ने विधायकों के वेतन और भत्तों में बड़ा संशोधन किया था। उसके अनुसार वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एक विधायक को कुल मिलाकर लगभग ₹1.87 लाख मासिक वेतन मिलता है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
मूल वेतन – ₹25,000 प्रतिमाह , क्षेत्र भत्ता – ₹50,000 प्रतिमाह, चिकित्सा भत्ता – ₹30,000 प्रतिमाह, सचिव भत्ता – ₹20,000 प्रतिमाह , दैनिक भत्ता – ₹1,500 प्रतिदिन (जब विधानसभा सत्र न हो) और विधानसभा बैठक भत्ता – ₹2,000 प्रतिदिन।
इसके अलावा विधायकों को सालाना रेल यात्रा कूपन, मुफ्त सरकारी आवास, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं। प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए पाँच वर्षों में कुल ₹7.5 करोड़ की विधायक निधि भी प्रदान की जाती है।
विधायकों की शक्तियाँ
1. विधायी शक्तियाँ
विधायक राज्य की नीतियों और कानूनों को बनाने में सीधी भूमिका निभाते हैं। वे राज्य सूची और समवर्ती सूची में आने वाले विषयों पर कानून बना सकते हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्थानीय प्रशासन जैसे विषय शामिल हैं।
2. वित्तीय शक्तियाँ
विधानसभा ही राज्य का बजट पारित करती है। मनी बिल यहीं से पेश होते हैं और किसी भी वित्तीय प्रस्ताव को पारित करने के लिए विधायकों की मंजूरी अनिवार्य होती है।
3. कार्यकारी शक्तियाँ
सरकार विधानसभा के प्रति जवाबदेह होती है। विधायक सरकार से सवाल पूछ सकते हैं, अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं, और प्रशासन पर नजर रखने के लिए विभिन्न समितियों में भाग लेते हैं।
4. चुनावी और संवैधानिक भूमिका
विधायक राष्ट्रपति और राज्यसभा सदस्यों के चुनाव में भाग लेते हैं। साथ ही, संविधान संशोधन जैसे मामलों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

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