ChatGPT बना आखिरी सहारा
आखिरी उम्मीद के तौर पर शेर्या ने अपनी मां के लक्षण ChatGPT में दर्ज किए। AI ने संभावित कारणों की सूची तैयार की, जिसमें यह सामने आया कि उनकी खांसी का संबंध मां की ब्लड प्रेशर की दवा से हो सकता है। शेर्या ने इस सुझाव को डॉक्टर के सामने रखा। दवा बदलने के बाद मां की सेहत में तेजी से सुधार होने लगा। शेर्या ने सोशल मीडिया पर भावुकता के साथ लिखा कि “AI ने मेरी मां की जान बचाई।”
सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद इंटरनेट पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोग AI के उपयोग की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ ने चिकित्सा क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि “भविष्य में AI कई मामलों में डॉक्टरों की मदद करेगा।” वहीं, दूसरे ने कहा कि “AI सही समय पर सही जानकारी देने की क्षमता रखता है, जो जिंदगी और मौत के बीच फर्क डाल सकती है।”
AI और चिकित्सा क्षेत्र का भविष्य
इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि AI को केवल जानकारी देने वाले उपकरण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सही दिशा में इस्तेमाल होने पर यह डॉक्टरों के काम को सपोर्ट करने वाला एक शक्तिशाली माध्यम बन सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि AI अभी डॉक्टर का विकल्प नहीं है, लेकिन यह जल्दी निदान और सही निर्णय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। AI कई मामलों में डॉक्टर से बेहतर डायग्नोसिस कर सकता है। कई देश मेडिकल में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहा हैं, इसपर रिसर्च भी जारी हैं। AGI आने के बाद इसकी दिशा तेजी से बदलेगी।

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