केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, घर खरीदारों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। लंबे समय से रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को लेकर अब केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने संकेत दिए हैं कि फंसी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक विशेष कोष बनाया जा सकता है। इस कदम से न केवल घर खरीदारों को फायदा होगा, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों की समस्याओं का भी समाधान होगा।

निम्न आय और कमजोर वर्ग को लाभ

मंत्री ने बताया कि इस कोष का लक्ष्य निम्न आय वर्ग (LIG) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराना है। इस तरह की पहल से उन परिवारों को भी घर मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी, जिन्हें अब तक उचित आवास उपलब्ध नहीं हो पाया।

वित्तीय व्यवस्था कैसे होगी

कोष में धन जुटाने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योगदान का इस्तेमाल किया जा सकता है। मंत्री ने यह भी कहा कि बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान इस वर्ग की मदद में पर्याप्त सक्रिय नहीं हैं, इसलिए CSR के माध्यम से परियोजनाओं को गति दी जाएगी।

झुग्गी बस्तियों का विकास

मंत्री मनोहर लाल ने यह भी संकेत दिया कि एनसीआर क्षेत्र और आसपास की लगभग 700 से 750 झुग्गी बस्तियों का विकास किया जाएगा। इससे न केवल नागरिकों को बेहतर आवास मिलेगा, बल्कि इन इलाकों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी संभव होगा।

किफायती मकानों को बढ़ावा

रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख संगठन नारेडको ने सरकार से आग्रह किया है कि किफायती आवास और किराये के मकानों के निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाए। इससे सभी वर्गों के लोगों के लिए आवास की सुविधा सुनिश्चित होगी और रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थिरता आएगी।

रेगुलेटरी में भी होगा बड़ा सुधार

नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि रेरा कानून को और मजबूत किया जाना चाहिए। इसके जरिए घर खरीदारों और बिल्डरों दोनों को वित्तीय सहायता और सुरक्षा मिलेगी। साथ ही किराये के मकानों पर विशेष रियायतें देने की आवश्यकता है, ताकि ‘सभी के लिए आवास’ का लक्ष्य साकार हो सके।

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