RBI का बड़ा ऐलान! 44 महीने बाद रेपो रेट बढ़ा, जानें 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। करीब 44 महीने के अंतराल के बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई है। RBI ने इसे 0.25 फीसदी बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही पॉलिसी का रुख भी बदल दिया गया है।

1. रेपो रेट 5.50 फीसदी हुआ

RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। इससे यह 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। लंबे समय बाद ब्याज दरों में इजाफा किया गया है।

2. सभी सदस्यों की सहमति

आपको बता ने की MPC में रेपो रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई। यानी फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।

3. पॉलिसी का रुख बदला

RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का स्टांस न्यूट्रल से कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया है। इसका संकेत है कि केंद्रीय बैंक अब महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सख्त रुख अपना सकता है।

4. रेट कट की उम्मीद कमजोर

नई नीति से फिलहाल ब्याज दरों में जल्द कटौती के संकेत नहीं मिलते। आगे RBI के फैसले महंगाई और आर्थिक हालात के आधार पर तय होंगे।

5. GDP अनुमान बढ़ा

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.7 फीसदी से बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है। यानी केंद्रीय बैंक को अर्थव्यवस्था की रफ्तार पहले के अनुमान से बेहतर रहने की उम्मीद है।

6. महंगाई का अनुमान भी बढ़ा

FY27 के लिए CPI महंगाई का अनुमान भी बढ़ाया गया है। इसे 5 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी किया गया है। खाद्य और ईंधन की कीमतों पर RBI की नजर बनी हुई है।

7. कमजोर मानसून की चिंता

कमजोर मानसून का असर कृषि क्षेत्र और रबी फसलों पर पड़ सकता है। इसका प्रभाव ग्रामीण मांग और अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों पर भी दिखाई दे सकता है।

8. क्रूड और खाद्य कीमतें चुनौती

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और खाद्य वस्तुओं के महंगे होने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी आर्थिक माहौल के लिए चुनौती बना हुआ है।

9. क्रेडिट ग्रोथ पर नजर

बैंकों की कर्ज वृद्धि मजबूत बनी हुई है। RBI ने संकेत दिया है कि वह सिस्टम में नकदी यानी लिक्विडिटी की स्थिति पर नजर रखेगा और जरूरत के मुताबिक उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करेगा।

10. विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत

देश की बाहरी आर्थिक स्थिति को लेकर भी RBI ने संतोष जताया है। विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त बताया गया है और करंट अकाउंट डेफिसिट की स्थिति भी फिलहाल नियंत्रण में है।

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