पटना के ‘संकल्प’ सभागार में हुई समीक्षा बैठक में बिहार बाढ़ 2026 की स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
12 अक्टूबर को मिलेगी राहत राशि
दूसरे चरण की बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रह सहायता राशि देने की तैयारी है। इसके लिए पात्र परिवारों की पहचान और भुगतान की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इससे पहले भी बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7 हजार रुपये प्रति परिवार की सहायता दे चुकी है। 15 सितंबर को 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में DBT के जरिए 579.23 करोड़ रुपये भेजे गए थे।
बिहार में दो चरणों में आई बाढ़
अधिकारियों के मुताबिक इस साल बिहार में बाढ़ दो अलग-अलग चरणों में आई। पहले चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी और पुनपुन जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। कई इलाकों में पानी काफी ऊंचाई तक पहुंच गया। वहीं दूसरे चरण में भारी बारिश के कारण स्थिति और बिगड़ी। गंडक नदी में कई स्थानों पर रिकॉर्ड जलस्तर दर्ज हुआ। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण में कुछ जगहों पर तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुए।
सड़कों और तटबंधों की होगी मरम्मत
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को बाढ़ से खराब हुई सड़कों, तटबंधों और दूसरी सरकारी संपत्तियों का सर्वे जल्द पूरा करने को कहा है। साथ ही मरम्मत में आने वाले खर्च का आकलन भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सम्राट चौधरी ने नदियों में जमा गाद को भी बाढ़ की समस्या से जोड़ते हुए नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा। अब सरकार का जोर राहत के साथ-साथ क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्वास और जरूरी ढांचे को दोबारा मजबूत करने पर है।

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