कल्कि धाम से नैमिषारण्य तक बेहतर कनेक्टिविटी
संभल जिले में कल्कि धाम से जुड़ने वाले संभल-जोया मार्ग के 18.26 किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने की योजना है। इस पर लगभग 140.77 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, सीतापुर में कल्ली-नीमसार-पनाहगार मार्ग के 10 किलोमीटर हिस्से को चौड़ा करने के लिए 92.54 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
सीतापुर में ही सिधौली से कल्ली चौराहा होते हुए नैमिषारण्य तक करीब 29 किलोमीटर सड़क को फोर लेन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 287 करोड़ रुपये है। इससे नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मोरना-शुक्रताल और मीरजापुर को भी फायदा
मुजफ्फरनगर में मोरना से शुक्रताल तक 4.7 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण पर 22.74 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। मीरजापुर में शास्त्री ब्रिज से दूधनाथ तिराहा होते हुए बस्तर तिराहा तक 2.4 किलोमीटर सड़क को चार लेन बनाने के लिए 70.30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
फर्रुखाबाद जिले में संकिसा मार्ग के 1.6 किलोमीटर हिस्से के निर्माण पर 14.22 करोड़ रुपये और कुशीनगर में फाजिलनगर-बघौचघाट मार्ग के 1.4 किलोमीटर हिस्से पर 19.47 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है।
बरेली में सबसे लंबा सड़क प्रोजेक्ट
इन योजनाओं में बरेली जिले की सड़क परियोजना भी अहम है। अहिच्छत्र जैन मंदिर से आंवला होते हुए भमोरा तक करीब 41 किलोमीटर मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए 699 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत बताई गई है। यह सड़क बिनावर के पास गंगा एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज से भी जुड़ती है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत
सड़कों के चौड़ीकरण से कल्कि धाम, नैमिषारण्य, शुक्रताल, संकिसा और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी हो सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा का समय घटने, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने और पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है।
हालांकि, कुछ परियोजनाएं अभी वित्त विभाग या कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। इसलिए सभी मार्गों पर निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख अलग-अलग हो सकती है।

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