पिता के स्थायी पते से जुड़ा होगा प्रमाण
शादीशुदा महिला अगर बिहार की मूल निवासी है और आरक्षण का दावा कर रही है, तो उसके जरूरी प्रमाणपत्र पिता के स्थायी पते के आधार पर होने चाहिए। यानी शादी के बाद पति का पता बदल जाने से मूल निवास का आधार भी नहीं बदल जाता। वहीं, अगर महिला किसी दूसरे राज्य की मूल निवासी है और उसकी शादी बिहार में हुई है, तो केवल पति के बिहार के निवास प्रमाणपत्र के आधार पर उसे बिहार का मूल निवासी मानकर आरक्षण नहीं दिया जाएगा।
TRE-4 में बढ़ी हैं शिक्षक की वैकेंसी
यह नियम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 में पदों की संख्या बढ़ाई गई है। पहले 32,388 पदों पर भर्ती होनी थी, जिसमें अब 932 और पद जोड़ दिए गए हैं। इसके बाद कुल रिक्तियां बढ़कर 33,320 हो गई हैं। इन अतिरिक्त पदों में कक्षा 9 से 10 के लिए 493 और कक्षा 11 से 12 के लिए 439 पद शामिल हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं।
35 फीसदी महिला आरक्षण भी अहम
बिहार में सरकारी सेवाओं की सीधी भर्ती में राज्य की मूल निवासी महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है। इसलिए शादीशुदा महिला उम्मीदवारों के लिए यह समझना जरूरी है कि आरक्षण का लाभ लेने के लिए उनका मूल निवास किस आधार पर साबित होगा।
सीधी बात यह है कि बिहार में शादी होना और बिहार का मूल निवासी होना अलग-अलग बातें हैं। आवेदन करने से पहले महिला उम्मीदवार अपने जाति, निवास और नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्रों में दर्ज जानकारी जरूर जांच लें, ताकि बाद में दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी न हो।

0 comments:
Post a Comment