डिजिटल सर्वे से तय होगा नुकसान
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। उन्होंने पानी में डूबी फसलों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मकसद फसल नुकसान का सही आकलन कर वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचाना है। सर्वे में पात्र पाए जाने वाले किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।
अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच के निर्देश
राहत आयुक्त ने अधिकारियों को केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर सर्वे पूरा न करने की हिदायत दी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से खुद मौके पर पहुंचकर सर्वे की गुणवत्ता और स्थिति जांचने को कहा है। फसल नुकसान का आकलन भारतीय मौसम विभाग और स्वचालित वर्षामापी केंद्रों से मिले बारिश के आंकड़ों के आधार पर भी किया जाएगा। इससे नुकसान का वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी।
रोज राहत पोर्टल पर देनी होगी पूरी जानकारी
अधिकारियों को सर्वे की प्रगति की जानकारी हर दिन राहत पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे नुकसान के आकलन और सहायता वितरण की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सकेगी। सरकार के इस कदम से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल चक्रवात, अतिवृष्टि या बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों को सहायता राशि मिलने का रास्ता साफ होगा।
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