यूपी में शिक्षकों को तगड़ा झटका: सिर्फ 15 जिलों में ही होंगे तबादले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को इस वर्ष अंतरजनपदीय तबादलों के संबंध में बड़ा झटका लगा है। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित नई तबादला प्रक्रिया में इस बार शिक्षकों को सिर्फ 15 जिलों में स्थानांतरण के विकल्प दिए गए हैं, जिससे राज्यभर के हजारों शिक्षकों में मायूसी फैल गई है। प्रयागराज, लखनऊ, गाजियाबाद जैसे बड़े और प्रमुख जिलों में रिक्तियां न होने के कारण वहां तबादले की कोई संभावना नहीं है।

तबादला प्रक्रिया की प्रमुख तिथियाँ

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार अंतरजनपदीय तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 13 जून तय की गई है। इसके बाद, 14 जून को संबंधित बीएसए कार्यालय द्वारा ऑनलाइन सत्यापन और डाटा लॉकिंग की जाएगी। 16 जून को एनआईसी (लखनऊ) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से तबादले की सूची जारी की जाएगी और संबंधित शिक्षकों को कार्यमुक्त भी कर दिया जाएगा।

तबादला के लिए उपलब्ध जिले

इस बार जिन 15 जिलों में रिक्तियाँ उपलब्ध हैं, वे निम्नलिखित हैं: बलरामपुर, बांदा, बहराइच, बदायूं, हमीरपुर, जालौन, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, मिर्जापुर, पीलीभीत, संभल, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र।इन जिलों में कुल खाली पदों का विवरण इस प्रकार है: सहायक अध्यापक (प्राथमिक विद्यालय): 13,266 पद, प्रधानाध्यापक (प्राथमिक विद्यालय): 410 पद, सहायक अध्यापक (उच्च प्राथमिक/कंपोजिट विद्यालय): 16,009 पद, प्रधानाध्यापक (उच्च प्राथमिक/कंपोजिट विद्यालय): 3,369 पद। 

4636 पारस्परिक तबादले स्वीकृत

इसके अतिरिक्त, परिषद द्वारा पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) की सूची भी जारी की गई है। कुल 4,636 शिक्षकों के जोड़ों यानी 9,272 शिक्षकों के आपसी सहमति से स्थानांतरण को स्वीकृति दी गई है। यह प्रक्रिया 27 दिसंबर 2024 के शासनादेश और परिषद द्वारा निर्धारित निर्देशों के तहत पूरी की गई है।

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