उपभोक्ता सेवा होगी पहले से बेहतर
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण अब ज्यादा व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत तरीकों से किया जाएगा। 1912 हेल्पलाइन नंबर और उपभोक्ता ऐप के जरिए शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी, जो सीधे कंट्रोल रूम में पहुंचेगी। वहां से संबंधित अभियंताओं और कर्मचारियों को कार्य सौंपा जाएगा, और निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कंट्रोल रूम के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और सभी शिकायतों का रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर सिस्टम पर सुरक्षित रहेगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
बिलिंग और कनेक्शन से लेकर मीटरिंग तक
1 .बिल सुधार प्रक्रिया: उपभोक्ता त्रुटिपूर्ण बिलों के संशोधन के लिए ऐप, 1912 या सहायता केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह फेसलेस होगी और दस्तावेज व्हाट्सएप, ऐप या हेल्पडेस्क के माध्यम से लिए जाएंगे। शिकायतें यादृच्छिक (रैंडम) आधार पर संबंधित कर्मचारी को सौंपी जाएंगी।
2 .नए कनेक्शन: 'झटपट पोर्टल' और 'निवेश मित्र पोर्टल' पर भार के अनुसार आवेदन किए जा सकेंगे। रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जाएगी और भुगतान होते ही आगे की कार्रवाई शुरू होगी। मीटर लगाने का कार्य विभागीय या संविदा टीम द्वारा किया जाएगा।
हेल्पडेस्क और स्थानीय सहायता केंद्र
उन उपभोक्ताओं के लिए जो ऑनलाइन सेवाओं में सहज नहीं हैं, उनके लिए राजधानी में 21 प्रमुख स्थानों पर हेल्पडेस्क की स्थापना की जा रही है। ये हेल्पडेस्क उपभोक्ताओं की समस्याओं को सीधे सुनने और उनका समाधान करवाने के लिए स्थापित किए जाएंगे। इस व्यवस्था को 1 नवंबर से पहले चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगरानी और जवाबदेही
मुख्य अभियंता (वितरण) को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालयों की जानकारी जैसे नाम, पता और संपर्क नंबर सार्वजनिक स्थानों, दीवारों, होर्डिंग्स और नेम प्लेट्स पर प्रदर्शित करवाएं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को आसानी से जानकारी उपलब्ध कराना और सेवा में पारदर्शिता लाना है।
24x7 सेवाएं और संसाधनों का बेहतर उपयोग
बिजली उपकेंद्रों पर 24 घंटे वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिससे मरम्मत और अन्य तकनीकी कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए जा सकें। साथ ही, अधिशासी अभियंता जरूरत के अनुसार स्टाफ और संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।

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