1. यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल होने के करीब
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच वर्षों से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की वार्ता अब अपने अंतिम चरण में है। दोनों पक्ष दिसंबर तक इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप देने के लिए जोर-शोर से काम कर रहे हैं। इस सप्ताह दिल्ली और ब्रुसेल्स में अधिकारियों के बीच अंतिम राउंड की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस डील के लागू होने से भारत के मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ईयू ट्रेड कमिश्नर मरोस शेफकोविच ने हालिया बैठक में शेष बचे मुद्दों को जल्द और सकारात्मक तरीके से सुलझाने पर सहमति जताई है। यह समझौता भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगा और दोनों तरफ से व्यापार को बढ़ावा देगा।
2. भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के करीब
दूसरी बड़ी खुशखबरी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की संभावना है, जो जल्द ही पूरी हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 15-16% तक लाने पर विचार कर रहा है। यह कदम विशेष रूप से ऊर्जा और कृषि सेक्टर को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। इसके अलावा, अमेरिका और भारत के बीच यह व्यापार समझौता जल्द ही आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया जा सकता है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मजबूती आएगी।
3. ऑस्ट्रेलिया ने भारत से झींगा आयात पर दी नई उम्मीद
तीसरी खुशखबरी मछली पालन और निर्यात के क्षेत्र से आई है। ऑस्ट्रेलिया ने आठ साल बाद पहली बार भारत से झींगा आयात की मंजूरी दे दी है। 2017 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत से झींगा निर्यात पर रोक लगा दी थी, क्योंकि उस समय कुछ कंसाइनमेंट में व्हाइट स्पॉट वायरस पाया गया था।
यह खबर खासकर आंध्र प्रदेश के मछुआरों के लिए बड़ी राहत की बात है, क्योंकि देश के झींगा निर्यात का लगभग 80% हिस्सा यहीं से निकलता है, जिसमें से 70% अमेरिका को जाता था। ट्रंप सरकार के दौरान लगाए गए भारी टैरिफ ने झींगा कारोबार को प्रभावित किया था, लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया की ओर से आयात की अनुमति मिलने से बाजार में नई जान आएगी।

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