1. पानी:
पानी पथरी के इलाज में सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मूत्र पतला रहता है, जिससे शरीर में जमा खनिज और लवण बाहर निकलते हैं और पथरी बनने की प्रक्रिया रुक जाती है। दिनभर में 8 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि किडनी और मूत्र मार्ग साफ़ रहें।
2. नींबू का रस:
नींबू में साइट्रिक एसिड होता है, जो खासकर कैल्शियम-आधारित पथरी बनने से रोकता है। नींबू पानी पीने से छोटी पथरी टूट जाती है और शरीर से बाहर निकलने में आसानी होती है। रोजाना सुबह एक गिलास गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीना बहुत फायदेमंद होता है।
3. सेब का सिरका:
सेब के सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड पथरी को घोलने और उसके कारण होने वाले दर्द को कम करने में मदद करता है। इसे पानी में मिलाकर दिन में एक या दो बार पीने से फायदा होता है। सेब के सिरके को सीधे पीने से बचें, हमेशा पानी के साथ मिलाकर ही सेवन करें।
4. कुल्थी की दाल:
कुल्थी की दाल में पथरी को गलाने वाले गुण होते हैं। इसे रातभर पानी में भिगोकर अगले दिन उबालकर उसका पानी पीना फायदेमंद होता है। यह मूत्र मार्ग को साफ करता है और पथरी को धीरे-धीरे तोड़ने में मदद करता है।

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