8th Pay Commission: वेतन-पेंशन में बदलाव, जारी होगी अधिसूचना?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसकी आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है। हाल ही में वित्त मंत्रालय के राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार इस मामले पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है। साथ ही, केंद्र सरकार राज्य सरकारों से परामर्श भी कर रही है ताकि आयोग के गठन की प्रक्रिया में सभी पक्षों की सहमति बनी रहे।

वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी का मुख्य आधार: फिटमेंट फैक्टर

8वें वेतन आयोग में वेतन और पेंशन की बढ़ोतरी का निर्धारण मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर के आधार पर किया जाएगा। फिटमेंट फैक्टर एक गणनात्मक गुणांक होता है, जिसके माध्यम से नए वेतन और पेंशन की गणना की जाती है। इसे एक सरल सूत्र में समझें तो: नया वेतन = बेसिक वेतन × फिटमेंट फैक्टर। इस फैक्टर का निर्धारण महंगाई भत्ते (DA) की वर्तमान दर और भविष्य में उसकी संभावित वृद्धि के आधार पर किया जाएगा।

फिटमेंट फैक्टर की संभावित सीमा

वर्तमान समय में महंगाई भत्ता लगभग 58% है और अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग लागू होने तक यह 60% तक पहुंच सकता है। इस आधार पर फिटमेंट फैक्टर 1.60 के आसपास माना जा सकता है। इसके बाद इसमें 10% से 30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण के लिए, 20% की वृद्धि पर यह फैक्टर 1.92 तक और 30% की वृद्धि पर 2.08 तक पहुंच सकता है। इस प्रकार, फिटमेंट फैक्टर की संभावित सीमा 1.8 से 2.08 के बीच रहने की उम्मीद है।

एक्रोयड फॉर्मूला: नया तरीका

सरकार इस बार वेतन निर्धारण के लिए डॉ. वॉलेस ऐक्रॉयड द्वारा विकसित एक्रोयड फॉर्मूला को अपनाने पर विचार कर रही है। यह फॉर्मूला न्यूनतम जीवन यापन लागत पर आधारित है, जिसमें भोजन, वस्त्र, आवास जैसे आवश्यक खर्च शामिल होते हैं। इससे वेतन निर्धारण में अधिक न्यायसंगत और यथार्थवादी परिणाम प्राप्त हो सकेंगे।

7वें वेतन आयोग के बाद बदलाव

7वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 था, जबकि पेंशनर्स को न्यूनतम ₹9,000 पेंशन मिलती थी। इसके अतिरिक्त, 58% महंगाई भत्ता भी जोड़ा जाता था। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद इन राशियों में वृद्धि की संभावना है जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेहतर वित्तीय लाभ मिलेगा।

0 comments:

Post a Comment