पूर्वांचल के कुछ जिलों में 29 से 31 अक्टूबर के बीच बिजली और वज्रपात के साथ वर्षा होने की संभावना है। लखनऊ स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे आने वाले 4-5 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवा ने पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश में उमस भरी गर्मी बढ़ा दी है। रविवार को पूरे दिन बादलों के छाए रहने से अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई।
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में चल रहे तूफानी हालात के चलते प्रदेशवासियों को अगले कुछ दिनों तक बदलते मौसम और तेज हवाओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। कुछ जिलों में बारिश के साथ वज्रपात की भी संभावना हैं।

0 comments:
Post a Comment