मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया
मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी:
दावे और आपत्तियों का निस्तारण (1 जनवरी – 16 मार्च)
इस अवधि में मतदाता अपने नाम में सुधार, जोड़ या किसी विवाद को दरखास्त के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। सभी दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा की जाएंगी। संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच और निस्तारण की कार्रवाई भी इसी समय होगी।
पूरक सूची का कंप्यूटरीकरण और मतदान केंद्र निर्धारण (21 फरवरी – 16 मार्च)
दावों/आपत्तियों के निस्तारण के बाद, पूरक सूचियों का कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। इन्हें मुख्य मतदाता सूची में समाहित किया जाएगा। साथ ही मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी।
मतदाता सूची का अंतिम स्वरूप तैयार करना (17 मार्च – 13 अप्रैल)
इस चरण में मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों का क्रमांकन किया जाएगा। मतदाता क्रमांक आवंटन और एसवीएन (SVN) का निर्धारण किया जाएगा। सूची की डाउनलोडिंग और फोटो कॉपी तैयार की जाएगी।
सार्वजनिक अवकाश में भी जारी रहेंगे कार्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सारिणी के अनुसार कार्य पूरा करने के लिए सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण समय से पूरा हो और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कोई बाधा न आए।

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