परियोजना की विशेषताएं
1 .एयरपोर्ट का निर्माण 4200 एकड़ में होगा, जिससे यह न केवल बिहार, बल्कि पूर्वी भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा।
2 .सोनपुर की भौगोलिक स्थिति पटना के बेहद करीब होने के कारण राजधानी के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
3 .यह नया एयरपोर्ट 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अर्थव्यवस्था और रोजगार में बड़ा बदलाव
सोनपुर एयरपोर्ट के शुरू होने से राज्य की आर्थिक गतिविधियों में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। पर्यटन स्थलों जैसे सोनपुर मेला, वैशाली और बौद्ध सर्किट तक विदेशी पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही होटल, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
क्या है इसका रणनीतिक महत्व
यह एयरपोर्ट सिर्फ पर्यटन और व्यवसाय के लिए ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते विमानों के दबाव को कम करने के साथ-साथ, उत्तर बिहार को वैश्विक मानक की हवाई सुविधा प्रदान करेगा।
सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण बिहार के लिए एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना न केवल आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र में विकास लाएगी, बल्कि राज्य की वैश्विक पहचान को भी मजबूत करेगी।
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