क्यों है यह प्रश्नावली खास?
यह पहली बार है जब सरकार वेतन आयोग से पहले सीधे कर्मचारियों, पेंशनरों, यूनियनों और आम नागरिकों से सुझाव मांग रही है। इस प्रश्नावली में 18 महत्वपूर्ण सवाल शामिल हैं, जिनके जवाब भविष्य की सैलरी संरचना तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
किन मुद्दों पर मांगी गई है राय?
फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन – क्या वर्तमान बेसिक पे आज की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त है?
महंगाई भत्ता (DA) और HRA – बढ़ती महंगाई के दौर में इन भत्तों की क्या भूमिका होनी चाहिए?
प्रमोशन और MACP सिस्टम – क्या पदोन्नति की मौजूदा व्यवस्था संतोषजनक है?
परफॉर्मेंस आधारित वेतन – क्या सैलरी को प्रदर्शन से जोड़ा जाना चाहिए?
पेंशन सुधार और NPS – क्या न्यूनतम पेंशन की गारंटी होनी चाहिए?
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का वेतन – क्या समान काम के लिए समान वेतन लागू होना चाहिए?
महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाएं – कार्यस्थल पर बेहतर समर्थन और सुरक्षा के सुझाव।
CGHS और हेल्थ इंश्योरेंस – स्वास्थ्य सुविधाओं में क्या सुधार जरूरी हैं?
ट्रांसफर पॉलिसी और रिटायरमेंट आयु – क्या वर्तमान नियम व्यावहारिक हैं?
असली खर्चों पर फोकस
इस बार सरकार सिर्फ आंकड़ों या महंगाई दर के आधार पर फैसला नहीं करना चाहती, बल्कि यह जानना चाहती है कि एक कर्मचारी या पेंशनर को रोजमर्रा की जिंदगी में किन आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, स्वास्थ्य खर्च, यात्रा और अन्य आवश्यकताएं।
कब तक दे सकते हैं सुझाव?
यह ऑनलाइन फॉर्म 5 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 रात 11:45 बजे तक खुला रहेगा। अच्छी बात यह है कि आपकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। कोई भी केंद्र सरकार का कर्मचारी, पेंशनर, संगठन या आम नागरिक अपनी राय दर्ज कर सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है 8वां वेतन आयोग?
वेतन आयोग आमतौर पर हर 10 साल में लागू होता है और यह आने वाले दशक की सैलरी, पेंशन और सेवा शर्तों की दिशा तय करता है। इसलिए इस बार दिया गया आपका सुझाव सीधे आपके भविष्य की आय, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर को प्रभावित कर सकता है।

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