केंद्रीय कर्मचारियों को 4 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के तहत मेडिकल रीइंबर्समेंट की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है। यह कदम कर्मचारियों और पेंशनधारकों को समय पर राहत पहुंचाने और प्रक्रिया को तेज़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

1. मेडिकल बिल की सीमा हुई दोगुनी

अब मंत्रालयों और विभागों के प्रमुख Integrated Finance Division (IFD) से मंजूरी लिए बिना 10 लाख रुपये तक के मेडिकल बिल पास कर सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी। इस बदलाव से बड़े मेडिकल खर्चों के क्लेम जल्दी निपटेंगे और कागजी कार्रवाई में कमी आएगी।

2. छूट वाले मामलों की सीमा बढ़ाई

जहां कोई छूट नहीं दी जाती और भुगतान केवल तय CGHS रेट के अनुसार होता है, वहां भी सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इससे कर्मचारियों और पेंशनधारकों को उन इलाजों में भी आसानी मिलेगी जिनमें नियमों के तहत अतिरिक्त राहत नहीं दी जाती।

3. नियमों में कोई ढील नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्लेम केवल निर्धारित नियमों और शर्तों के पालन पर ही मंजूर होंगे। कोई भी रेट या नियमों में ढील नहीं दी जाएगी। भुगतान पूरी तरह CGHS और CS(MA) रेट लिस्ट के अनुसार ही होगा।

4. प्रक्रिया में तेजी

इस फैसले से मेडिकल बिल पास होने की प्रक्रिया तेज होगी, कर्मचारियों को समय पर वित्तीय राहत मिलेगी, और विभागों में अनावश्यक देरी या कागजी कामकाज कम होगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 फरवरी, 2026 को जारी ज्ञापन में बताया कि समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि लाभ केवल नियमों के अनुसार ही मिलेगा। इस बदलाव से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को न केवल बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि मेडिकल खर्चों के क्लेम प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता भी आएगी।

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