सरकार की यह नीति TRE-3 के शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। इससे वर्षों से चल रहा ‘वनवास’ समाप्त होने की उम्मीद बढ़ी है और शिक्षकों को परिवार और पेशे दोनों स्तर पर राहत मिलने की संभावना है।
‘वनवास’ के चलते कठिनाइयाँ
TRE-3 के तहत चयनित कई शिक्षक, जिनमें महिला और दिव्यांग शिक्षक भी शामिल हैं, अपने गृह जिले से 100 से 500 किलोमीटर दूर पदस्थापित हैं। मंत्री ने माना कि इस स्थिति के कारण उन्हें पारिवारिक, सामाजिक और व्यावहारिक स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नियमावली के तहत होगी व्यवस्था
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि घर वापसी से पहले स्थानांतरण और पदस्थापन से जुड़ी विस्तृत नियमावली तैयार की जाएगी। यह नियमावली अप्रैल 2026 तक लागू करने का लक्ष्य है, और इसी के आधार पर आगे की पूरी प्रक्रिया संचालित होगी।
अप्रैल 2026 के बाद खुलेंगे रास्ते
अप्रैल 2026 तक विभागीय प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के बाद अंतरजिला स्थानांतरण की नियमित प्रक्रिया शुरू होगी। इससे लंबे समय से दूरस्थ जिलों में तैनात शिक्षकों को गृह जिला या निकटवर्ती जिले में पोस्टिंग का मौका मिल सकेगा।

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